संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। सरस आजीविका मेला का दूसरा संस्करण शनिवार को एक्वाप्लेक्स क्राउन बाहु फोर्ट में शुरू हुआ। जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन (जेकेआरएलएम) इस ग्यारह दिवसीय मेले की मेजबानी कर रहा है। सरस आजीविका मेले में ग्रामीण भारत की विविध और जीवंत कला व संस्कृति की झलक देखने को मिली। मेले में लगभग 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी देखी जा रही है। मेले में शिल्प, हस्तशिल्प, हथकरघा और व्यंजनों का प्रदर्शन करने वाले 60 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। कार्यक्रम में एक ही छत के नीचे विभिन्न राज्यों के जातीय कपड़े, हस्तशिल्प वस्तुओं, स्वादिष्ट व्यंजनों का प्रदर्शन किया गया। मेले में विभिन्न प्रकार के हथकरघा और खाद्य पदार्थ हैं। मेले में जम्मू-कश्मीर के अलावा बिहार, राजस्थान, तेलांगना, तमिलनाडू, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, पंजाब, पश्चिम बंगाल, गोवा, हरियाणा, असम, ओडिशा, केरल, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के स्टॉल लगाए गए हैं।
एक्वाप्लेक्स क्राउन बाहु फोर्ट जम्मू में व्यापार मेले के दौरान पहले दिन बड़ी संख्या में लोग सरस आजीविका मेले में पहुंचे। सजे-धजे स्टाल और शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के कारण सरस दर्शकों की पहली पसंद बन रहा है। सरस आजीविका फूड कोर्ट में राजस्थान, जम्मू, सांबा, रियासी, भद्रवाह और अन्य स्थानों के व्यंजन उपलब्ध हैं। जहां लोगों ने इन व्यंजनों का लुत्फ उठाया। मेले में पुंछ से पिकानट, स्वच्छ सूखी खुबानी, केसर, शहद और कश्मीर से अखरोट, साथ ही बडगाम और श्रीनगर से हस्तनिर्मित और पेपर मशीन आइटम जैसे स्थानीय व्यंजनों की एक श्रृंखला पेश की गई थी।