ट्रांसफार्मर से लटके तार ने रविवार को दो भैंसों को मारा, सोमवार को ली एक कुत्ते की जान
सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर के कहने पर विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे, लटके तार को ऊपर बांधा
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। तमाला क्षेत्र के सैन्य शिविर के नजदीक सड़क के किनारे लगे ट्रांसफार्मर से लटके तार ने सोमवार को एक कुत्ते को भी मार दिया। साथ ही एक ग्रामीण को भी खेतों की ओर जाते हुए हल्का झटका दिया। जब जाकर बिजली विभाग के अधिकारियों को यकीन हुआ कि वाकई वहां एक तार लटका है। सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर राजेंद्र गुप्ता के कहने पर बिश्नाह के एईई राजीव कौल और जेई तौफीक चौधरी मौके पर पहुंचे और ट्रांसफॉर्मर से लटके तार को ऊपर बांधा।
रविवार को स्थानीय गुलजार अली की दो भैंसें मर जाने के बाद विभाग के अधिकारियों ने ट्रांसफार्मर से लटके तार को खानापूर्ति के लिए ऊपर बांध दिया था। वह तार इतना ऊपर नहीं था कि कोई वहां तक पहुंच न सके। उसी तार की चपेट में सोमवार को एक कुत्ता आया और मारा गया। इस दौरान खेतों में जाते हुए ग्रामीण प्रवीण कुमार को भी हल्का झटका लगा। किसी बड़े हादसे की आशंका पर स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना जम्मू डीसी कार्यालय में दी। वहां से उन्हें सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर का नंबर मिला। तब लोगों ने इंजीनियर को परेशानी बताई। उसके बाद बिश्नाह से बिजली विभाग के सभी अधिकारी हड़बड़ाते हुए मौके पर पहुंचे, और ट्रांसफार्मर से लटके तार को ऊपर करवाया।
विभाग की लापरवाही से गई तीन जानवरों की जान
स्थानीय लोगों ने बताया कि रविवार को जब तार की चपेट में आने से दो भैंसें मरीं तब बिजली विभाग के जेई तौफीक चौधरी ने ट्रांसफार्मर से कोई तार लटका होने से ही मना कर दिया था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने खुद मौके पर जाकर देखा है। वहां कोई तार नहीं है। लेकिन, दूसरे दिन जब उसी तार ने एक कुत्ता मार दिया तब जेई ने खुद माना की लटक रहे तार को ऊपर बांध दिया है। उन्हें यह एहसास भी तब हुआ जब ऊपर से सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर ने जोर दिया। विभाग के अफसर की इस लापरवाही से दो दिन में तीन जानवर मर गए। दो लोगों को करंट लगा।
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पुलिस ने अब तक दर्ज नहीं किया मामला
उधर, सोमवार को पशुपालक गुलजार अली दूसरे दिन भी दो भैंसों का मुआवजा पाने के लिए थाने के चक्कर काटता रहा। पशुपालन विभाग के डॉक्टर ने भैंसों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार कर दी है। उसमें हाई करंट लगने से भैंस की मौत की पुष्टि हुई है। इसके बाद भी थाने में बिजली विभाग की लापरवाही का मामला दर्ज नहीं किया गया।