जम्मू में आतंकवादियों का सफाया करने के लिए सेना की ओर से अभियान जारी है। इसी बीच इस साल जम्मू के तीन जिलों में सैन्य अभियान की एक रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 15 सुरक्षाकर्मी बलिदान हुए हैं। वहीं 25 आतंकवादियों को ढेर किया गया और 22 अन्य लोगों ने जान गंवाई।
अधिकारियों ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि इन इलाकों में सीमा पार से घुसपैठ की कोशिश की जाती है। जिसकी वजह से ऐसी घटनाएं हो रही हैं। कल शुरू हुई मुठभेड़ में जम्मू के राजोरी इलाके में दो सैन्य अधिकारी समेत सेना के चार कर्मी शामिल हैं, जो राजोरी जिले के बाजीमल इलाके में चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियान में अपनी जान गंवा बैठे।
इससे पहले 20 अप्रैल और 5 मई को पुंछ के मेंढर इलाके और राजोरी के कांडी जंगल में घात लगाकर किए गए हमलों में पांच कमांडो सहित 10 सैनिकों की जान चली गई थी। अधिकारियों के मुताबिक, इस साल जनवरी से अब तक सीमावर्ती जिलों राजोरी और पुंछ और पास के रियासी जिले में आतंकवाद संबंधी हिंसा में 47 मौतें हो चुकी हैं।
इस साल राजोरी में जहां सात आतंकवादियों ढेर किए गए और 10 सुरक्षाकर्मियों सहित 24 लोगों ने जान गंवाई, वहीं पुंछ जिले में 15 आतंकवादी मारे गए और पांच सुरक्षाकर्मी बलिदान हो गए। रियासी जिले में तीन आतंकी मारे गए।