शारदीय नवरात्र के पहले दिन माता वैष्णो देवी के दर्शन को आने वाले भक्तों में काफी उत्साह देखने मिला। यात्रियों की संख्या में भी अचानक वृद्धि हुई। सोमवार को 40 हजार से अधिक भक्तों ने अपना पंजीकरण करवाकर माता के भवन में माथा टेका। रविवार को यह संख्या 36451 रही। नवरात्र में भक्तों की संख्या बढ़ने का सिलसिला वर्षों से जारी है। माता के दरबार में नवरात्र के दिनों में साल दर साल भक्तों की संख्या बढ़ रही है।
बीते छह वर्ष से यह वृद्धि लगातार जारी है। हालांकि, कोरोना काल में यात्रा बंद होने के कारण कम ही श्रद्धालु कटड़ा पहुंचे थे। जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 के शारदीय नवरात्र में 302057 भक्तों ने माता के दरबार में हाजिरी लगाई थी। इसी प्रकार वर्ष 2018 में 318753 और वर्ष 2019 के शारदीय नवरात्र में 364254 भक्तों ने प्राकृतिक पिंडियों के दर्शन किए थे।
इस वर्ष भी शुरूआती चरण में भक्तों के उत्साह से अनुमान लगाया जा रहा है कि नवरात्र में भक्तों की संख्या आसानी से साढ़े तीन लाख का आंकड़ा पार कर लेगी। प्रथम नवरात्र पर सुबह से ही पंजीकरण कक्ष के बाहर भक्तों की कतार लगी थी। शाम तक यह सिलसिला बरकरार रहा।
वहीं, भवन में भी भक्तों की भीड़ लगातार जारी रही। प्राकृतिक गुफा सहित समूचे भवन में की गई फूलों की सजावट भक्तों को आकर्षित कर रही है। भवन मार्ग पर दिन भर भक्तों के जयकारे गूंज रहे हैं।
लुधियाना निवासी रिकूं बना घोड़ा, बैटरी निशुल्क सेवा लेने वाला पहला श्रद्धालु
श्रीमाता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की नवरात्रि महोत्सव में दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए पहली बार घोड़ा और बैटरी कार सेवा निशुल्क देने का फैसला किया है। सोमवार को पहले नवरात्रि पर पंजाब के लुधियाना से आए रिंकू इस सेवा का लाभ उठाने वाले पहले यात्री बने हैं। सुविधा मिलने के बाद जहां उन्होंने राहत महसूस की वहीं, मां का भी शत शत नमन किया।
गौरतलब रहे कि धर्मनगरी कटड़ा में मां वैष्णो के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बैटरी कार, घोड़ा-पिट्ठू और हेलिकॉप्टर सेवा उपलब्ध है। लुधियाना से आए दिव्यांग श्रद्धालु रिंकू ने बताया कि वह मां के दर्शन के लिए पहली बार आया है।
मां का भवन 13 किलोमीटर दूर है, जिस कारण वह मायूस हो गया। जब उसे जानकारी मिली कि नवरात्रि महोत्व में श्राइन बोर्ड की ओर से घोड़ और बैटरी कार सेवा दिव्यांग के लिए निशुल्क है तो वह खुश हो गया और मां का नमन करते हुए खशी से सफर पर निकल गया।
विश्व की खुशहाली के लिए शतचंडी महायज्ञ शुरू
शारदीय नवरात्र के पहले दिन माता वैष्णो देवी भवन में मंत्रोच्चारण के साथ शतचंडी महायज्ञ आरंभ हुआ। 31 विद्वान पंडितों ने विश्व की खुशहाली की कामना करते हुए यज्ञ शुरू किया। इसमें एसडीएम भवन सुधीर बाली विशेष रूप से मौजूद रहे।
इस दौरान भक्तों को प्रसाद बांटा गया। नवरात्र में श्राइन बोर्ड ने भक्तों की सुविधा के लिए सभी भोजनालयों में फलाहार की सुविधा कराई है। बोर्ड के सीईओ अंशुल गर्ग के अनुसार नवरात्र में भक्तों को भोजनालयों में विभिन्न प्रकार का फलाहार उचित दामों पर परोसा जाएगा। संवाद