जम्मू के रिहायशी इलाके सुंजवां में स्थित सेना के कैंप पर शनिवार तड़के हुए आतंकी हमले के बाद से जारी एनकाउंटर करीब 40 घंटे बाद भी मुठभेड़ अभी जारी है। सेना की जवाबी कार्रवाई में अब तक तीन आतंकियों को मार गिराया गया है।
सुंजवां फौजी कैंप पर शनिवार को हुए फिदायीन हमले में पांच जवान शहीद हुए हैं। एक नागरिक भी मारा गया है। सर्च आपरेशन के दौरान रविवार को एक जेसीओ, दो हवलदार और एक हवलदार के पिता का शव बरामद हुआ है। 40 घंटे से भी अधिक समय तक चले आपरेशन में सेना ने तीन फिदायीन हमलावरों को मार गिराया।
मारे गए आतंकियों से एके-56 राइफलें, यूबीजीएल, ग्रेनेड व भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुआ है। खाने-पीने की सामग्री, ड्राई फ्रूट्स तथा नशीली गोलियां भी बरामद हुई हैं। घायलों की संख्या 11 हो गई है। शनिवार रात दो बजे के बाद से फायरिंग बंद है, लेकिन आपरेशन चल रहा है।
सेना प्रमुख बिपिन रावत ने भी मौके का दौरा कर घटना और आपरेशन की जानकारी ली। इस बीच, एनआईए ने हमले की जांच शुरू कर दी है। सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद का कहना है कि आपरेशन अभी चल रहा है। बहुत से परिवार अभी पारिवारिक क्वार्टरों में हैं।
उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है। कितने आतंकी हैं, इसके बारे में फिलहाल सेना को भी पूरी जानकारी नहीं है। अब तक तीन आतंकियों के शव बरामद हुए हैं। रविवार को सेना ने सर्च के दौरान जेसीओ मोहम्मद अशरफ मीर, नायक मंजूर अहमद और लांस नायक मोहम्मद इकबाल का शव बरामद किया गया। नायक मोहम्मद इकबाल के पिता की भी मौत हो गई है। शनिवार को जेसीओ मदन लाल और हवलदार हबीबुल्लाह कुरैशी शहीद हो गए थे।