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सरकारी नौकरी देने के लिए कागजों पर खड़ा किया स्कूल

Mon, 21 Mar 2016 12:38 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू

सार

  • विजिलेंस ने तत्कालीन सीईओ और लाभार्थियों के खिलाफ केस दर्ज किया
  • एक माह तक स्कूल (कागजों पर) चला और उसके बाद उसे गांव नाइवाला के ओल्ड प्राइमरी स्कूल में विलय कर दिया गया।
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टीचर - फोटो : demo pic
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विस्तार
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दो शिक्षकों को सरकारी नौकरी देने के लिए शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारी ने कागजों पर एक स्कूल खड़ा किया और फिर उस स्कूल को इलाके के प्राइमरी स्कूल में विलय कर दिया। साथ ही कागजों पर खड़े स्कूल में दो शिक्षकों को आरईटी की नौकरी दे दी। 
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मामले का खुलासा होने पर विजिलेंस आर्गनाइजेशन ने तत्कालीन सीईओ और लाभार्थी शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। विजिलेंस के अनुसार तत्कालीन चीफ एजूकेशन अफसर (सीईओ) तरसेम लाल ने लाभार्थियों के साथ आपराधिक षड्यंत्र के तहत न्यू प्राइमरी स्कूल धार छन्नी दोवानो मोहल्ला, सरदारां दा (जोन खौड़) खोला और नियमों को ताक पर रख लाभार्थियों को गैरकानूनी ढंग से आरईटी टीचर नियुक्त कर दिया। 

विजिलेंस के अनुसार जांच में पाया गया कि जनसंख्या के एसएसए नार्म का उल्लंघन करते हुए उक्त स्कूल 2014 में सिर्फ कागजों में खोला गया। एसएसए के प्रोजेक्ट डायरेक्टर की ओर से स्कूल खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी भी नहीं दी गई थी। 
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दो लोगों को आरईटी टीचर लगाने के उद्देश्य से षड्यंत्र रचा गया

कैग की रिपोर्ट ने सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर पहले भी सवाल उठाए हैं। - फोटो : demo pic
एक माह तक स्कूल (कागजों पर) चला और उसके बाद उसे गांव नाइवाला के ओल्ड प्राइमरी स्कूल में विलय कर दिया गया। इससे स्पष्ट होता है कि दो लोगों को आरईटी टीचर लगाने के उद्देश्य से षड्यंत्र के तहत कागजों में स्कूल खोला गया। 

उस स्कूल को खेलने का सैंक्शन आर्डर सीईओ की ओर से दिया गया और चयन प्रक्रिया का पालन कर गैरकानूनी ढंग से अमरजीत सिंह पुजवाल और मनदीप कौर को आरईटी टीचर लगा दिया गया। हकीकत में जब स्कूल था ही नहीं, उस वक्त दो आरईटी टीचरों का विज्ञापन निकाला गया और लाभार्थियों की नियुक्ति कर दी गई। 

इतना ही नहीं, जांच में यह भी पता चला कि जेडईओ खौड़ ने फिजिबिलिटी रिपोर्ट टेलीफोन पर दी। इससे जाहिर होता है कि स्कूल खोलने के लिए आवश्यक नियमों का पालन ही नहीं किया गया। विजिलेंस ने जांच पूरी करने के बाद तत्कालीन सीईओ तरसेम लाल और लाभार्थी टीचर अमनजीत सिंह, मनदीप कौर व अन्य के खिलाफ पीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच आगे जारी है। 
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