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आदमखोर तेंदुए को मारने के लिए अनुमति मांगी

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रियासी। माहौर के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए आतंक का पर्याय बन चुका आदमखोर तेंदुए का पता नहीं चल पाया है। तेंदुए के नहीं दिखाई देने के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल व्यापक है। तेंदुए को मारने के लिए वाइल्ड लाइफ से अनुमति पाने को दोबारा से वार्डन को चिट्ठी भेजी है। वीरवार को नीरम में रूखसाना बानो को अपना शिकार बना कर मौत के घाट उतार चुके नरभक्षी का सोमवार को पांचवें दिन पता नहीं चल पाया है। अब ग्रामीणों को डर सताने लगा है कि तेंदुआ कब कहां पर हमला करेगा। तेंदुए के खौफ से ग्रामीणों ने शाम ढलने के साथ ही बाहर निकलना बंद कर दिया है। इसके अलावा माल मवेशी को भी शाम होते ही अंदर बंद कर दिया जाता है। खासकर बच्चों ने बाहर जाना बिल्कुल बंद कर दिया है। ग्रामीण अब्दुल हमीद, अफताब अहमद, शब्बीर भटट, कालू नजीर अहमद, मोहम्मद शफीक ने कहा कि तेंदुआ आदमखोर हो चुका है। उसने अभी तक एक महीने के भीतर तीन मासूमों को मौत के घाट उतार दिया है। अगर उसे जल्द नहीं मारा गया तो वह दोबारा से हमला कर सकता है। डीएफओ माहौर फारूक इकबाल ने बताया कि तेंदुए को मारने की अनुमति ली जा रही है।
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