पुंछ। गर्भवतियों को घरों के निकट जांच कराने और अस्पताल तक लाने और ले जाने के लिए मुफ्त एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराए जाने की सरकारी आदेश हैं। बावजूद बुधवार को मंडी तहसील स्थित के सरकारी उपजिला अस्पताल में दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से जांच के लिए आई दो गर्भवतियों को को पुंछ जिला अस्पताल रेफर किए जाने के बाद दिन भर एंबुलेंस नहीं मिल पाई। इससे गुस्साए तीमारदारों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर हंगामा काटा। उन्होंने तहसीलदार मोहम्मद जावेद से मुलाकात कर मंडी उपजिला अस्पताल में तैनात महिला डाक्टर को मंडी अस्पताल में स्थायी रूप से ड्यूटी में तैनात करवाने की मांग की। तहसीलदार ने ब्लाक मेडिकल अधिकारी से बात कर महिला चिकित्सक को स्थायी तौर पर ड्यूटी में लगाने को कहा। इसके बाद उन्होंने नाराज लोगों को दो दिन के बाद डाक्टर को मंडी अस्पताल में तैनात करने का आशवासन दिया। मंडी तहसील के गांव डन्ना निवासी शौकत हुसैन अपनी पत्नी जुबेदा अख्तर और गांव धड़ा फतेहपुर निवासी मोहम्मद शफीक अपनी पत्नी मरियम जान को जांच के लिए उप जिला अस्पताल मंडी लेकर पहुंचे। जहां पर जांच करने के कुछ ही समय बाद अस्पताल में तैनात पुरुष चिकित्सक ने उन्हें राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल पुंछ रेफर कर दिया। सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक उन्हें एंबुलेंस तक नहीं मिली। इसके बाद महिलाओं के साथ तीमारदारों का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जम कर हंगामा किया। मंडी में निवासियों ने भी इस बात का आरोप लगाया कि जबसे महिला डाक्टर को यहां से हटा कर ग्रामीण क्षेत्रों में भेजा गया है यहां आने वाली गर्भवतियों को पुंछ रेफर किया जाता है। इससे परेशानी होती है।