पुंछ। जिले के मनकोट तहसील के गांव सलानी के निवासियों ने शहीद औरंगजेब को उनकी पहली बरसी पर शुक्रवार को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें ग्रामीणों, सैन्य, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी शामिल हुए। आयोजन में शामिल वक्ताओं ने कहा कि देश के लिए प्राणों की आहुति देना गौरव की बात है। गौरतलब है कि वर्ष 2018 में आज ही के दिन कश्मीर से अपने घर सलानी ईद मनाने के लिए आ रहे सेना की 44 आरआर के राइफलमैन औरंगजेब का आतंकियों ने पुलवामा में अपहरण कर उसे शहीद कर दिया था। ईद के दिन उसका पार्थिव शरीर घर पहुंचा था। बेटे की पहली बरसी पर पिता मोहम्मद हनीफ ने कहा कि वह अपने दो और बेटों को भी सेना में भेजेंगे। इस अवसर पर नदीम खान, डा. शहजाद मालिक और सरपंच खालिद का कहना था कि देश के लिए जान कुर्बान करने वालों का मुकाम सबसे ऊंचा होता है। वह अमर हो जाते हैं। जब तक दुनिया रहती है उनका नाम जिंदा रहता है। ऐसे ही औरंगजेब का नाम जिंदा रहेगा और दुनियां उसे नमन करती रहेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच और औरंगजेब के बहनोई खालिद हुसैन और पिता मोहम्मद हनीफ ने की, जबकि उपायुक्त राहुल यादव, सेना की 39 आरआर के कमांडिंग अधिकारी कर्नल आरजे नारायण और साई नाथ विश्वविद्यालय के उपकुलपति डा. शहजाद मलिक मुख्य अतिथि रहे।