शहर चुनें

अपना शहर चुनें

Top Cities
States

उत्तर प्रदेश

दिल्ली

उत्तराखंड

हिमाचल प्रदेश

जम्मू और कश्मीर

पंजाब

हरियाणा

विज्ञापन

जम्मू में पश्चिमी बंगाल में डाक्टरों से हुई मारपीट का हुआ विरोध, आज ओपीडी बंद रखेंगे जूनियर डॉक्टर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Sat, 15 Jun 2019 12:56 AM IST
हड़ताल पर डॉक्टर्स - फोटो : अमर उजाला
पश्चिम बंगाल में जूनियर डॉक्टर के साथ मारपीट की घटना के बाद देशभर में शुरू हुई हड़ताल का असर शुक्रवार को जम्मू में भी दिखा। जीएमसी में जूनियर डॉक्टरों ने बिना कामकाज बंद किए शरीर के विभिन्न हिस्सों पर पट्टियां और दवाई लगाकर अलग ढंग से विरोध जताया।
 
शहर के अन्य अस्पतालों में भी डॉक्टरों ने इसी तरह का विरोध जताया। उन्होंने शनिवार को ओपीडी बंद रखने का ऐलान किया। इस दौरान रुटीन ऑपरेशन भी प्रभावित रहेंगे। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
 
जीएमसी की इमरजेंसी, ऑपरेशन थियेटर और ओपीडी में बैठे डॉक्टर मरीज ही लग रहे थे। इसके बाद कैफेटेरिया में पहुंचे जूनियर डॉक्टरों ने शरीर के विभिन्न हिस्सों में पट्टियां बांध रखी थी। उन्होंने दिखाया कि आए दिन मरीजों और तीमारदारों द्वारा उनके साथ मारपीट किए जाने पर उनकी मरीजों जैसी ही हालत हो जाती है।
 
डॉक्टरों ने कई बैनर पकड़ रखे थे। उन्होंने मांग की कि उन्हें पूरी सुरक्षा दी जाए और देशभर में डॉक्टरों के खिलाफ हो रही हिंसा को रोका जाए। आरडीए के पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार ने कहा कि यह सिर्फ पश्चिम बंगाल के डॉक्टरों से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि पूरे देशभर के डॉक्टरों की सुरक्षा का मामला है।
 
प्रशासन को चाहिए कि डॉक्टरों के साथ हाथापाई और मारपीट को गैर जमानती अपराध की श्रेणी में लाया जाए, ताकि कोई तीमारदार या मरीज डॉक्टरों से न उलझे। जम्मू के अस्पतालों में भी इस तरह के कई मामले हो चुके हैं। राज्य और केंद्र सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। शनिवार को ओपीडी बंद रखकर विरोध जताया जाएगा।
विज्ञापन

जेडीएफ ने भर्त्सना की

जम्मू डॉक्टर फोरम के प्रधान डॉ. सत्यदेव गुप्ता ने पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों से हुई मारपीट की घटना की भर्त्सना की है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और पीएमओ में मंत्री खुद इस प्रोफेशन से जुड़े हुए हैं। उन्हें जमीनी स्तर के हालात को समझना चाहिए। डॉक्टर विकट परिस्थितियों में लोगों की सेवा कर रहे हैं। लेकिन उन्हें हिंसा और गुस्से का शिकार होना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि डॉक्टरों से मारपीट के मामलों को गैर जमानती अपराध की श्रेणी में लाया जाए।
 
फोरम के महासचिव डॉ. दुष्यंत चौधरी ने कहा कि न्यायालय के आदेश के मुताबिक ऐसे मामलों में डॉक्टर को हिरासत में नहीं लिया जाए। देश के विभिन्न राज्यों में यह कानून जारी है। स्टाफ की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए उन्हें दूसरे राज्यों के प्रतिष्ठित अस्पतालों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाए। उन्होंने राज्यपाल प्रशासन से मांग की कि डॉक्टरों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
विज्ञापन

Recommended

doctors strike opd service emergency service patients mamata banerjee

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Recommended Videos

Related

Next
Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।