किश्तवाड़। जिले में दूसरे दिन भी 35-ए को लेकर बहुसंख्यक समुदाय ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। हालांकि अल्पसंख्यक समुदाय की दुकानें आदि खुली रहीं।
वीरवार को अल्पसंख्यक समुदाय के प्रदर्शन के कारण शुक्रवार को जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। इस दौरान शहर में सुरक्षा कर्मियों की अच्छी खासी संख्या में तैनाती देखी गई। इस कारण बंद भी शांतिपूर्ण रहा। हालांकि बस अड्डे से वाहनों को चलने नहीं दिया गया। जुमे की नमाज के बाद बस अड्डा पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने 35-ए के समर्थन में प्रदर्शन भी किया। इस दौरान कई धार्मिक नेताओं ने केेंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि वह 35-ए को हटाने का विरोध करते हैं। जामा मस्जिद के इमाम फारूक अहमद किचलू ने कहा कि हम हिंदुओं का भी आभार प्रकट करते हैं कि उन्होंने उनकी बात मानी और बंद का समर्थन किया। उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि हमने किसी भी मचैल यात्री को परेशान नहीं किया। यह उनके खिलाफ साजिश है बदनाम करने की। उन्होंने कहा कि हमारा समाज अमन पसंद है। हम सबको 35-ए का लाभ मिलता है। इसके हटने से सभी का नुकसान होगा।