जम्मू/दोमाना। दसवीं के परीक्षा परिणाम को लेकर छात्रों में असमंजस बनी हुई है। रिहाड़ी स्थित जेके बोर्ड के बाहर विद्यार्थियों ने शुक्रवार को भी प्रदर्शन कर नारेबाजी की। अभिभावक भी बच्चों को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। आरोप है कि कुछ स्कूलों के छात्रों को बोर्ड ने मास प्रमोशन दी है। निजी स्कूलों के छात्र बोर्ड ने फेल किए है। परीक्षार्थियों का कहना है कि बोर्ड रिवेलवेशन और एग्जाम दोनों फार्म भरने के लिए कह रहा है, लेकिन वे दोबारा परीक्षा नहीं देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि पास नहीं किया तो प्रदर्शन तेज कर देंगे। उधर, शुक्रवार को मढ़ चौक पर भी छात्रों ने बोर्ड के मूल्यांकन फार्मूले को लेकर प्रदर्शन किया। इसमें ज्यादातर असफल परीक्षार्थी थे। प्रदर्शन के दौरान भाजयुमो जिला ग्रामीण के अध्यक्ष दीपक पांडे ने कहा कि जेके बोर्ड दो पेपर के अंक के आधार पर छात्रों का भविष्य तय नहीं कर सकता। कोविड के कारण विद्यार्थियों की शिक्षा बाधित रही। सीमावर्ती ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क न होने से बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई में बाधा आई। कुछ बच्चों के पास स्मार्ट फोन भी नहीं थे। दसवीं में 12 हजार से अधिक परीक्षार्थी असफल रहे हैं। विद्यार्थियों ने उप राज्यपाल से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की। मौके पर रोहित मेहरा, अभिषेक, रितिक मेहरा, मनप्रीत सिंह आदि मौजूद थे।