अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में चालू वित्तीय वर्ष में 129 और आयुष डिस्पेंसरियों को आयुष स्वास्थ्य व कल्याण केंद्र में विकसित किया जाएगा। तीन साल में 442 आयुष डिस्पेंसरियों को विकसित किया जा चुका है। इस साल नए आयुष अस्पताल खोलने का प्रस्ताव रखा गया है। आयुष मंत्रालय ने जिला कुपवाड़ा, कुलगाम, किश्तवाड़, सांबा और कठुआ में 50-50 बिस्तर वाले आयुष अस्पताल स्थापित करने की पहले ही मंजूरी दी है। जम्मू के लोअर गाड़ीगढ़ और बांदीपयान बारामुला (कश्मीर संभाग) में 10-10 बिस्तर वाले इंटिग्रेटेड आयुष अस्पताल खोले जाएंगे। स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव भूपेंद्र कुमार की अध्यक्षता में वीरवार को राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) की 14वीं कार्यकारी समिति की बैठक में उक्त प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
100 करोड़ के प्रस्ताव आयुष मंत्रालय को भेजने का लिया फैसला
बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए राज्य वार्षिक कार्य योजना (एसएएपी) और राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत 100 करोड़ के प्रस्तावों को आयुष मंत्रालय को भेजने का फैसला किया गया। निदेशक आयुष डॉ. मोहन सिंह ने राज्य वार्षिक कार्य योजना, आयुष सेवा, आयुष स्वास्थ्य व कल्याण केंद्र, आयुष शैक्षणिक संस्थान के बारे में जानकारी दी। आयुष स्वास्थ्य व कल्याण केंद्रों का विस्तार होने से लोगों तक बेहतर आयुष चिकित्सा सेवाएं पहुंच रही हैं। बताया कि एसएएपी अंडर राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत रख होशियारी कठुआ में 57 कनाल जगह पर सरकारी होमियोपैथी मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव भेजा है। इसके लिए आयुष निदेशालय जेएंडके को जमीन स्थानांतरित कर दी है। 60 गांवों को आयुष ग्राम के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। सचिव ने पंचक्रमा, रेजीमिनाल थैरेपी, कशारसूत्रा, योगा आदि क्षेत्रों को और मजबूत करने पर जोर दिया है। इस दौरान आयुष निदेशालय की ओर से जेएंडके औषधीय पौधा बोर्ड की ओर से एग्रो टेक्नीक व औषधीय पौधों पर थैरेप्यूटिक्स पर प्रकाशन जारी किया गया।