उधमपुर-रामनगर मार्ग की हालात दिन ब दिन खस्ताहाल होती जा रही है। इसके विरोध में बुधवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए लोगों ने प्रदर्शन के बाद एसडीएम के सामने मामला रखा। प्रदर्शन सिटीजन काउंसिल के नेतृत्व में किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि रामनगर-उधमपुर मार्ग कई जगह धंस गया है। लोग जान जोखिम में डाल कर सफर कर रहे हैं। कघोट, जलो, किडमु, दियाड़ी, रौंद मेल, बीडीओ कार्यालय के सामने से तो यह मार्ग बिल्कुल टूट गया है।
पिंगला माता बेस कैंप के पास एक पहाड़ी को काटा गया है मगर उसका मलबा मार्ग पर ही पड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मार्ग के निर्माण कार्य में ईरा तथा पीवीए ने करोड़ों का घोटाला किया है। इसकी जांच कराई जानी चाहिए।
प्रदर्शन के बाद वह लोग एसडीएम दरीन्द्र शर्मा से मिले और समस्या बताई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर एक सप्ताह के अंदर मार्ग की हालत को सुधारने की पहल नहीं की गई तो वह इस मार्ग पर धरने पर बैठ जाएंगे। इस मौके पर टीडी ठाकुर, संजीव, राकेश गुप्ता, पूर्व पार्षद राकेश कुमार, पूर्व पार्षद जोगिन्द्र वंगाथिया, गणेश दास, सतपाल थयालिया, मनोज, शाम सर्राफ आदि मौजूद रहे।
एसडीएम ने ईरा के अधिकारी से रामनगर उधमपुर मार्ग की खस्ता हालत को लेकर बात की बताया गया कि मार्ग को हमने लोक निर्माण विभाग के सुपुर्द कर दिया है। इसके बाद लोक निर्माण विभाग के अधिकारी से बात की गई तो कहा गया कि यह मार्ग तो ईरा के पास है।
गौरतलब है कि रामनगर उधमपुर मार्ग को डबल लेन के लिए ईरा को काम सौंपा गया था प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि चार साल पहले कघोट में रामनगर उधमपुर मार्ग के किनारे एक डंगा जमीन में धंस गया था, जिसे आज तक नहीं बनाया गया है। हालांकि ईरा ने इस डंगे को बनाने के लिए काम तो लगाया था, मगर सिर्फ चार दिन ही चल सका।