आतंकी हमलों के बावजूद सेना हटाने की कवायद से गुस्साए बनी वासियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बनी तहसील मुख्यालय में एकत्रित पंचायती नुमाइंदों और ग्रामीणों ने पूरे कसबे में रोष मार्च किया और बाद में एसडीएम कार्यालय के बाहर जोरदार नारेबाजी की।
इस दौरान पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियाें की तनातनी भी हो गई। प्रशासन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजने के साथ ही ग्रामीणों ने मंगलवार को बनी कसबे में बंद रखने का ऐलान कर दिया है।
प्रदर्शनकारियों में शामिल ठाकुर दास, सुशील कुमार, ओमप्रकाश सहित अन्य लोगों ने कहा कि बनी तहसील का सारा ही इलाका संवेदनशील और अतिसंवेदनशील श्रेणी में आता है। आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि से लेकर आतंकियों की आवाजाही से इलाके में लंबे अरसे तक दहशत का माहौल रहा है।
लेकिन जब से सेना को तैनात किया गया है इलाके में न सिर्फ आतंकियाें की गतिविधियां रुक गईं, बल्कि दूरदराज इलाकों में भी लोग बेखौफ आवाजाही करने के काबिल बने। नई सरकार ने आते ही सरथल, ढग्गर सहित अन्य इलाकों से सेना को हटा दिया है।
ऐसे में बनी तहसील के तमाम इलाकों में अब दहशत का माहौल बन गया है। प्रदर्शनकारियों में शामिल अमित कुमार, बृजमोहन, रतन चंद, सन्नी कुमार, अमित और संजय ने कहा कि अतिसंवेदनशील श्रेणी में आने वाले इलाकों से सेना हटाना बेहद घातक है, जिसे लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मंगलवार को सेना बहाली की मांग पर पूरा कसबा बंद रहेगा।