कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर अस्थायी शिक्षकों की भूख हड़ताल का रविवार को पूरा एक महीना पूरा हो गया।
इसके बावजूद सरकार ने मांग को पूरा करना तो दूर, इस पर किसी तरह का विचार भी नहीं किया है। एक महीने के अंदर शिक्षकों ने कई बार अपनी मांग को मंत्रियों, विपक्ष के विधायकों और नेताओं के सामने रखा, लेकिन सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं हुआ।
प्रधान बलविंद्र सिंह पवार के नेतृत्व में शिक्षकों ने सुबह से लेकर शाम तक जमकर राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बलविंद्र सिंह पवार ने बताया कि एक महीना पहले शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर से भूख हड़ताल को आरंभ किया था।
पहले ही दिन पुलिस ने लाठियां बरसा कर आंदोलन को दबाने का प्रयास किया था। तब से लगातार भूख हड़ताल चल रही है। कई बार अपनी मांग को राज्य सरकार के मंत्रियों के सामने रख चुके हैं, लेकिन बना कुछ भी नहीं है। सभी एक बार अपनी मांग को मुख्यमंत्री के सामने रखना चाहते हैं, लेकिन उनको मौका ही नहीं मिल रहा है।