जिले में एसएसए के तहत कार्य कर रहे आरईटी शिक्षकों में पिछले कई माह से वेतन नहीं जारी होने से रोष है।
रविवार को आल जेएंडके आरईटी शिक्षक फोरम के बैनर तले एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से भारी संख्या में आरईटी शिक्षकों ने भाग लिया।
बैठक में फोरम के जिला अध्यक्ष आफताब तांत्रे ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग के प्रति कड़ा रोष प्रकट करते हुए कहा कि केवल 3000 रुपये प्रति माह वेतन पर शिक्षकों को कार्य करना पड़ता है। इतना कम वेतन भी कई माह बाद जारी किया जाता है।
उन्होंने कहा कि इस समय जिस तरह से महंगाई बढ़ी है, ऐसे में एक शिक्षक के लिए तीन हजार रुपये में गुजारा चला पाना संभव नहीं।
उन्होंने बताया कि एसएसए के तहत कार्य कर रहे शिक्षकों को पिछले करीब आठ से दस माह का वेतन नहीं मिला है। ऐसे में शिक्षकों के लिए घर खर्च चला पाना संभव नहीं है।
फोरम के सचिव जहांगीर खान ने सरकार और विभाग के प्रति कड़ा रोष प्रकट करते हुए कहा कि शिक्षकों को राष्ट्र निर्माता कहा जाता है। यदि यह बात सही है तो कहना होगा आज राष्ट्र निर्माता भूखा है।
उसके बच्चे एक-एक रोटी के लिए तरस रहे हैं। वहीं हमारी सरकारी को राष्ट्र निर्माता शिक्षकों की कोई चिंता नहीं है। यदि कोई शिक्षक हर समय रोजी-रोटी की चिंता में परेशान रहेगा तो वह बच्चों को कैसे बेहतर शिक्षा दे सकेगा।
खान ने कहा कि अपनी परेशानियों के बावजूद आरईटी शिक्षक पूरी मेहनत और इमानदारी से बच्चों को शिक्षित करने के काम में लगे हैं। ऐसे में सरकार को भी शिक्षकों की मांगाें पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द उन्हें बकाया वेतन नहीं दिया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन को मजबूर होंगे।