कड़ाके की सर्दी के बीच लोगों ने रविवार को रेडक्रास मेले का जमकर लुत्फ उठाया। वाजवान, कहवा और कबाब के साथ डोगरी फूड, चाट-पापड़ी और फास्ट फूड का जायका लेने का यहां मौका मिला।
मंच पर युवा कलाकारों ने देशभर की संस्कृति की छटा बिखेरी तो चित्रकारों ने कैनवास पर अपनी प्रतिभा के रंग बिखेरे। अंत में लोहड़ी जलाकर थिरकने के साथ दो दिवसीय मेला समाप्त हो गया।
छुट्टी होने के कारण मेले में लोगों का खासी भीड़ पहुंची थी। यहां बच्चे झूले और दूसरे मनोरंजक गतिविधियों में व्यस्त थे तो बड़े शापिंग करने में जुटे रहे। बीएसएफ, सीआरपीएफ और सेना की सीएसडी कैंटीनों पर खरीदारी के लिए सबसे ज्यादा भीड़ पहुंची।
इस बीच चित्रकारों ने विभिन्न पेंटिंग में सामाजिक कुरीतियों पर कटाक्ष करने के साथ ही संदेश भी दिए। इसमें हरियाली को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया तो उसके साथ बेटी को अपनाने की सीख दी गई।
मेले के अंतिम दिन अंतर स्कूल नृत्य प्रतियोगिता में विभिन्न सरकारी और निजी स्कूलों के प्रतिभागियों ने प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। डीजे पर युवा नृतकों ने खूब रंग जमाया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मेले में आकर्षण का केंद्र रहीं। मंच पर एक के बाद एक प्रस्तुति में देश के विभिन्न हिस्सों की संस्कृति दिखाई गई। दर्शकों ने कलाकारों की हौसलाअफजाई में कोई कसर नहीं छोड़ी।
बेस्ट आइटम में कालेज की छात्राओं ने रंग जमाया। मंडलायुक्त शांतमनु ने विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया। रीजनल रेडक्रास सोसायटी के सचिव आरसी पूरी ने मेले को सफल बनाने के लिए सुरक्षा बलों, राज्य पुलिस के साथ अन्य विभागों का आभार जताया।