बिगड़े मौसम ने झिड़ी मेले का रंग फीका कर दिया। शुक्रवार को मेला स्थल पर काफी कम संख्या में लोग आए। वहीं बाहरी प्रदेशों से आए श्रद्घालु बड़ी संख्या में लौट गए। मौसम खराब होने के चलते कुछ समय के लिए झूलों और मौत के कुएं को बंद रखना पड़ा। शुक्रवार को दस हजार के करीब लोग मेले में पहुंचे। जबकि मौसम साफ रहने की स्थिति में पचास हजार के करीब लोगों के आने का अनुमान था। बारिश होने के कारण मेले में दुकानें लगाने वालों के अलावा ठेकेदाराें को भी ठंड में पसीना आने लगा है। ठेकेदार समूह के एक साथी ने बताया कि अगर यही स्थिति रही तो कमाई को छोड़ भी दें तो टेंडर के पैसे भी पूरे नहीं होंगे। वहीं विभिन्न विभागों की ओर से मेले में प्रदर्शनी लगाई गई थी। शुक्रवार को इन स्टालों पर जानकारी लेने वालों में बड़ी संख्या में स्थानीय किसान पहुंचे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि बारिश नहीं होती तो ज्यादा किसान मेले में लगे स्टालों का फायदा उठा सकते थे।