जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार की देर रात हुए भयानक सड़क हादसे में बस चालक की मौत हो गई। इसमें 19 मुसाफिर जख्मी भी हुए हैं। तेज रफ्तार यह बस तीन वाहनों को रौंदती हुई एक मकान से जा टकराई, जिससे एक कमरे की दीवार ढह गई। सभी घायलों को आननफानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के बाद सभी घायलों को छुट्टी दे दी गई।
पुलिस के अनुसार सवारियों से भरी वाल्वो बस (जेके02एडब्लू-1249) जम्मू से अमृतसर की ओर जा रही थी। जब बस राजबाग पहुंची तो चालक नियंत्रण खो बैठा। बस की रफ्तार अधिक होने से यह हाईवे को क्रास कर रहे एक ट्रैक्टर, एक कार और दो आटो को रौंदती हुई एक घर से जा टकराई।
घर के जिस कमरे की दीवार को बस ने तोड़ा, उसमें घर के पांच लोग सो रहे थे। हालांकि, घर के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। किसी को कोई चोट नहीं लगी है। बस की टक्कर से ट्रैक्टर सहित तीनों वाहन बुरी तरह से टूट गए।
हादसे में बस चालक दलबीर सिंह निवासी अमृतसर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इसी बीच स्थानीय लोगों ने घायलों को जिला अस्पताल में पहुंचाया। अस्पताल से दो एंबुलेंस घायलों को ले जाने के लिए बुलाई गईं। रात करीब ढाई बजे घायलों को अस्पताल ले जाया गया। यहां इलाज के बाद तड़के सभी को छुट्टी दे दी गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
झपकी बनी भयानक हादसे का कारण
वाल्वो बस हादसे का कारण चालक को पर्याप्त नींद का नहीं मिल पाना बताया जा रहा है। हादसे में घायलों ने बताया कि लंबी दूरी की बसों में दो ड्राइवर होते हैं जो शिफ्ट में ड्राइविंग करते हैं। लेकिन इस बस में दूसरा ड्राइवर नहीं था। जो चालक बस को चला रहा था उसकी नींद पूरी नहीं हुई थी।
ड्राइविंग के दौरान वह बार-बार झपकी ले रहा था। राजबाग के पास भी उसे जोर की झपकी आई जिससे बस अनियंत्रित हो गई। घायलों का कहना है कि बस की रफ्तार भी काफी अधिक थी।
ट्रैक्टर ने बचाई परिवार की जान
नेशनल हाईवे को पार करने के बाद बस सीधी ट्रैक्टर के साथ टकरा गई। इसके कारण बस की गति काफी धीमी हो गई। इसके बाद बस कमरे से जाकर टकरा गई। घर के पांचों सदस्य उसी कमरे में थे, जिसकी दीवार से बस टकराई थी।
बस की गति धीमी हो जाने से टक्कर हलकी रही और दीवार गिरने से बच गई। जिससे घर के लोग बाल-बाल बच गए। बस के कमरे में टकराते ही घर के सदस्यों में अफरातफरी मच गई थी। वह सकते में आ गए कि क्या हुआ।