पुलिस ने सपवाल हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार मामला लूटपाट का था, जिसमें आरोपी ने अपने साथी के साथ दो महिलाओं को निर्दयता से मार डाला। पुलिस ने आरोपी साहिल ढींगरा उर्फ शालू (18) निवासी महालशाह, रामगढ़ और उसका साथ देने वाले पंकज शर्मा (20) को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों ने पैसे के लिए हत्या की थी।
एक अक्तूबर को रात करीब दस बजे सपवाल निवासी बीएसएफ जवान शिवदयाल के घर में घुसकर उनकी पत्नी अनीता (35) पर हमलावरों ने हमला किया था। इसमें अनीता की मौके पर ही मौत हो गई थी। हमले में घायल शांति देवी ने भी सोमवार को जीएमसी में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अनीता का पति वारदात के समय पश्चिम बंगाल में तैनात था।
एसएसपी अनिल मंगोत्रा ने बताया कि वारदात के बाद एडिशनल एसपी के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया था। पुलिस के अनुसार आरोपी साहिल ने स्वीकार किया है कि वह अपने मामा शिवदयाल के घर से गहने और रुपये लूटना चाहता था। इसी मंशा से उसने पहली अक्तूबर को पहले अपने दोस्त पंकज के साथ घर की रेकी की और रात करीब दस बजे वहां पहुंच गया।
आरोपी ने अनीता से कहा था कि वह पंजाब में गया था और देर होने की वजह से अब यहीं रुकेगा। इसकी जानकारी अपने घर पर देने के बहाने से उसने अनीता से मोबाइल मांगा और अपने लिए खाना बनाने को कहा। खाना परोसते वक्त उसने अनीता के सिर पर टोके से वार कर दिया। इसके साथ ही बाहर खड़े अपने दोस्त पंकज को बुलाया।
शोर सुन बाहर शांति देवी (आरोपी की नानी) और अतुल (भांजे) भी उस ओर आए तो उन्होंने उन पर भी ताबड़तोड़ वार कर दिए। जान बचाकर भाग रहे अनीता के छोटे बेटे निखिल का भी आरोपियों ने पीछा किया, लेकिन वह अपने चाचा के घर में छुप गया, जिसमें वह बच गया। इसके बाद दोनों मौके पर से भाग निकले।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि सपवाल से भाग कर दोनों रामगढ़ पहुंचे और वहां से जम्मू आ गए। जम्मू से अमृतसर निकल गए और दिल्ली व सूरत भी गए। दोनों स्वर्ण मंदिर भी गए। इसके बाद 11-12 अक्तूबर की रात ट्रेन से विजयपुर आए। यहां से दोनों गांव पहुंचे और चेहरे पर कपड़ा बांधकर एक बंकर में छिप गए। कुछ लोगों ने दोनोेें को देख लिया तो पुलिस को सूचित किया। इसके बाद यह दोनों पकड़ लिए गए। दोनों के खिलाफ आरीपीसी की धारा 302, 307, 4/25 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।