गुरुनानक देव जी के प्रकाशोत्सव को पूरे शहर में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर सावन चक्क स्थिति गुरुद्वारा कलगीधर में धार्मिक समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में तीन दिन से जारी अखंड पाठ का भोग डाला गया। इसके बाद शबद कीर्तन में रागियों ने गरु महिमा का गुणगान किया। वहीं, धर्म प्रचारकों ने गुरु के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष चरणजीत सिंह भोला ने कहा कि गुरु नानक देव जी का जन्म लाहौर पाकिस्तान के ननकाना साहिब में 15 अप्रैल 1469 को हुआ था।
कालू मेहता पटवारी के घर जनमे गुरु नानक देव जी बचपन से ही धार्मिक प्रवृति के थे। उनके पिता ने सच्चा सौदा कर मानवता के लिए एक मिसाल कायम की। उन्होंने सिख धर्म की स्थापना की और मानवता का संदेश दिए।
आज के युग में उनके कथन हर मुश्किल परिस्थिति में मददगार हैं। उन्होंने कहा कि हमें गुरु नानक देव जी के बताये मार्ग पर चलना चाहिए और मानवता की सेवा को अपना परम कर्तव्य मानना चाहिए।
इस अवसर पर स्थानीय विधायक चरणजीत सिंह जसरोटिया, पूर्व डिप्टी सीएम मंगतराम शर्मा, बसपा राज्य महासचिव सोमराज मजोत्रा ने भी शीष नवाया।
कार्यक्रम के दौरान शहर व आसपास के ग्रामीण इलाकों से सिख संगत सहित विभिन्न धर्मों के लोग भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के बाद लंगर का भी आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
उधर बसोहली में भी गुरुनानक देव जी का प्रकाशोत्सव बड़ी धूमधाम और श्रद्धा से मनाया गया, उल्लेखनीय है कि कसबे में एक भी सिख परिवार न होने पर भी यहां प्रकाशोत्सव हिन्दू ही मनाते हैं। बड़ी संख्या में लोगों ने गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका और प्रसाद ग्रहण किया। गुरुद्वारे को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था।