इस बार बेमौसम की मार से सबसे अधिक नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है। गत वर्ष धान की फसल ओलावृष्टि व बारिश से खराब होने के बाद इस बार गेहूं की फसल बर्बाद होने से अब आरएस पुरा उपजिले में किसानों द्वारा लगाई खरबूजे व तरबूज की फसल भी बेहतर नहीं होने पर किसान चिंतित हैं।
पिछले कई दिनों से जब भी आसमान पर काली घटा छाती है तो किसान मौसम की करवट देख परेशान हो जाते हैं। किसान रौशनदीन, मोहन लाल, देव राज, अवतार सिंह का कहना है कि दो फसलें बरबाद होने के बाद अब किसानों की आस उनके द्वारा लगाई सब्जियों, तरबूज व खरबूजों पर था, पर मौसम किसानों के लिए ठीक नहीं होने पर परेशानियाें का सामना करना पड़ रहा है।
किसान धर्मपाल, रमेश चौधरी, हरबंस सिंह, अमर सिंह का कहना है कि इस बार गेहूं की फसल खराब होने पर मवेशियाें के लिए हर वर्ष स्टोर कर रखने वाला चारा नहीं होने पर अब किसानाें को बाजार से मवेशियों के लिए महंगे दामाें पर चारा खरीदना पड़ा रहा है।
किसान नेता सुभाष दषगोत्रा का कहना है कि मौसम की मार सबसे अधिक किसान वर्ग के लोगों को सहनी पड़ रही है। देश की सरकार को चाहिए कि किसानों की बेहतरी के लिए प्राकृतिक परेशानी होने पर फसलों का बीमा किया जाना चाहिए ताकि किसानों को खेतीबाड़ी करने के लिए दिक्कतें आने पर समय पर राहत राशि मिल सके। जिससे किसान अपने परिवार का पालन-पोषण कर सके।