घग्वाल क्षेत्र के टपियाल में गांव बदोली निवासी एक व्यक्ति की क्रशर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव क्रशर में ही पाया गया।
घटना के बाद घरवालों ने हत्या का आरोप लगाते हुए जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे पर पौने छह घंटे तक जाम लगाए रखा। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उचित मुआवजे के आश्वासन के बाद हाईवे पर स्थिति सामान्य हो सकी।
मृतक के घरवालों के अनुसार की दर्शन सिंह पुत्र लिखित सिंह निवासी बदोली दस साल से बेंई नाले पर एक क्रशर पर काम कर रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि वीरवार की शाम को क्रशर में ही उसकी हत्या कर दी गई है। लेकिन सूचित कर दिया गया कि किसी लावारिस की मौत हो गई है।
पुलिस ने शव को घग्वाल अस्पताल में रखा था। शुक्रवार की सुबह घरवाले सुबह अस्पताल पहुंचे। इसके बाद शव लेकर दोपहर बारह बजे घरवाले नेशनल हाईवे पर बैठ गए और जाम लगा दिया। जाम शाम पौने छह बजे तक लगा रहा।
हाईवे पर बैठी मृतक की बहन ने कहा कि उनके भाई की हत्या की गई है। उनका भाई नेकां के एक नेता के क्रशर पर काम करता था, उसे मारा गया है। जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिलेगा वह शव को हाईवे से नहीं हटाएंगे। उन्होंने कहा कि उनके भाई के दो छोटे बच्चे हैं। उनकी पत्नी ऊषा देवी गर्भवती है।
प्रदर्शन और हाईवे पर जाम की खबर पाकर एसीआर मोहमद यूसुफ मलिक मौके पर पहुंचे। उन्होंने घरवालों को भरोसा दिया कि उन्हें तीन लाख रुपये नकद दिए जाएंगे। साथ ही पांच हजार रुपये हर माह मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता के रूप में दिलवाए जाएंगे। उन्हें बीमे का भी पूरा लाभ दिलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस पर पहुंचे कांग्रेस के पूर्व विधायक गिरदारी लाल चलोत्रा ने भी घरवालों को समझाया। जाम में पुलिस के सेवानिवृत्त एसएसपी इसरार खान फंसे रहे।
सांबा। नेशनल हाईवे पर पौने छह घंटे तक लगे जाम ने मुसाफिरों को परेशान कर रख दिया। झिड़ी मेले से वापस होशियारपुर की ओर जा रहे रिंकू, हरदेश सिंह, नरोत्तम, विकास आदि ने बताया कि दोपहर 12 बजे वह हाईवे पर जाम में फंसे हैं। उनके साथ बच्चे भी है। उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी।
जिला प्रशासन की ओर से जाम को खुलवाने के लिए जल्द प्रयास नहीं किए गए। जम्मू से चंडीगढ़ पीजीआई अस्पताल में उपचार के लिए जा रहे एक परिवार ने बताया कि उन्होंने काफी मिन्नत की कि उन्हें जाने दिया जाए, लेकिन एक न सुनी गई। इससे मरीज की हालत बिगड़ गई।