सरकारी विभागों से होने वाले कामों के भुगतान की अब हर महीने विजिलेंस आर्गेनाइजेशन समीक्षा करेगा। यह समीक्षा जिला स्तर पर की जाएगी। इसका मकसद विभागों में पैठ जमाए भ्रष्टाचार से निजात दिलाना है। इसके तहत विभिन्न प्रोजेक्टों के बिल की हर महीने समीक्षा होगी। इसके लिए इस साल मार्च तक सभी अधिकारियों को इस पर प्रभावी ढंग से काम करना होगा।
विजिलेंस अधिकारियों की अब सरकारी विभागों के विभिन्न प्रोजेक्टों के भुगतान पर नजर रहेगी, ताकि कोई हेराफेरी न हो सके। राज्य विजिलेंस कमीशन के सचिव ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। इसके तहत सभी जिला विजिलेंस अधिकारी, सभी अतिरिक्त विजिलेंस अधिकारी आदेश को प्रभावी ढंग से लागू करेंगे।
जानकारी के अनुसार सरकारी विभागों में होने वाले कार्यों को ठेकेदारों को दिया जाता है, जिन्हें वक्त पर पेमेंट नहीं नहीं किया जाता। लाखों रुपये पेमेंट लेट करने के बाद थोड़ा-थोड़ा पैसा जारी किया जाता है।
विजिलेंस का मानना है कि ऐसा होने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। ठेकेदारों का पेमेंट लटका कर विभागों में भ्रष्टाचार किया जा रहा है। इसलिए अब उक्त अधिकारी अपने क्षेत्र में सरकारी विभागों के होने वाले कार्यों को लेकर होने वाले भुगतान की समीक्षा करेंगे। हर एक विभाग के लिए एक फिक्स भुगतान होगा। एक लाख रुपये से अधिक
का भुगतान रोकने पर कार्रवाई की जाएगी।
कमीशन के दायरे में सरकारी विभाग, सरकार के अधीन सोसायटी, सरकार के अधीन आने वाला पब्लिक सेक्टर शामिल होगा। विजिलेंस का मानना है कि जब हर महीने भुगतान की समीक्षा होगी तो इससे ठेकेदारों को समय पर पैसा मिलेगा और विभागों में अधिकारियों को भ्रष्टाचार के अवसरों पर अंकुश लगेगा।
मार्च तक सभी अधिकारियों को इस समीक्षा को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सख्त आदेश जारी किए गए हैं। विजिलेंस की नजर में अब सभी सरकारी विभाग रहेंगे।