सीमावर्ती ग्रामीणों की दिवाली इस बार फीकी रहेगी। पाकिस्तानी गोलाबारी से दहशतजदा बड़ी संख्या में परिवार अभी राहत शिविरों में रह रहे हैं। जो परिवार सीमा से सटे गांवों में चले भी गए हैं, वह अपने घरों में रोशनी करने से डरे रहे हैं। उन्हें यह डर है कि पाकिस्तान फिर से गोलाबारी न कर दे।
शिविरों में रह रहे ग्रामीणों को इस बात का दुख रहेगा कि इस बार वह अपने घरों में दिवाली नहीं मना पाएंगे। सुरक्षा बलों ने भी सीमावर्ती ग्रामीणों से कहा है कि वह दिवाली के दौरान सतर्क और सुरक्षित स्थानों पर रहें। इसके चलते ग्रामीणों शिविरों से गांव जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
हाल यह है कि पुरुष मवेशियों की रखवाली के लिए गांवों में रुकते हैं, लेकिन महिलाएं और बच्चे शिविरों में हैं। उधर, सीमावर्ती गांवों में जो अपने घरों में लौट भी आएं हैं वह बेहद दहशतजदा हैं। ये लोग दिवाली के दिन घरों पर रोशनी करने से भी डर रहे हैं।
उन्हें डर है कि रोशनी देखकर पाकिस्तान गांव को निशाना न बना ले। उधर धनतेरस तथा दिवाली पर शहर से लेकर सीमावर्ती इलाके कड़ी सुरक्षा घेरे में रहेंगे। इन इलाकों में भारी फोर्स की तैनाती की गई है। शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस की कड़ी नजर होगी।