राज्य में पड़ रही कड़ाके की सर्दी के कारण जनजीवन थम सा गया है। सीमावर्ती क्षेत्र आरएस पुरा और आसपास के गांव में जिस तरफ निगाह जाती है उसी ओर लोग गलियों, सड़कों और नुक्कड़ों में आग सेंकते नजर आते हैं।
सुबह से शाम तक सूर्य का नजर न आना और आसमान में धुंध के छाए रहने से ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इसके चलते लोगों में खांसी, जुकाम, पैरों में सूजन और अंगुलियों में जकड़न आदि जैसी तकलीफों के कारण लोग परेशान दिखाई दे रहे हैं।
अगर यही हाल कुछ दिन और रहे तो गरीब वर्ग के लोगों की हालत और भी बदतर हो सकती है। हालत यह है कि बढ़ती सर्दी के कारण अधिकतर मजदूर काम पर नहीं जा पा रहे हैं। समस्या यह है कि ये लोग अगर दिहाड़ी नहीं लगाएंगे तो हो सकता है कि रात को उनके परिवार को भूखा ही सोना पड़े।
एक तरफ यहां अनेक लोग सर्दियों का भरपूर आनंद ले रहे हैं और पर्यटकों के रूप में बर्फबारी वाले क्षेत्र में सर्दी का भरपूर मजा लेने जा रहे हैं वहीं गरीब वर्ग के अनेक लोग ठिठुराती ठंड से बचने के लिए रोजी-रोटी की परवाह किए बिना घरों में दुबके बैठे हैं।
अमीर वर्ग के पास तो सर्दी से बचने के लिए अनेक प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हैं लेकिन गरीब वर्ग के अधिकतर लोग ऐसे भी हैं जिनके पास सर्दी से बचने के लिए व अपना शरीर ढकने के लिए गर्म कपड़े तक नहीं हैं।
ऐसे में कोई समाजसेवी संगठन भी आगे आकर उनकी मदद करने को नहीं आ रहा है। इस संबंध मे क्षेत्र के लोगों का कहना है कि गर्मी हो सर्दी गरीब वर्ग के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
इस बार सर्दी ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं जिससे आम लोगों का जीवन यापन मुश्किल बना हुआ है।