जम्मू। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले से होने वाली वार्षिक कौसर नाग यात्रा को रद्द किए जाने पर भाजपा ने तेवर और तल्ख हो गए हैं। भाजपा ने राज्य सरकार पर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को वोटों की खातिर ध्रुवीकरण करने की साजिश का आरोप लगाया है। पार्टी ने पर्यटन मंत्री जीए मीर पर कौसर नाग यात्रा पर गैर जिम्मेदाराना बयान देने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। साथ ही नेकां-कांग्रेस गठबंधन सरकार को चेतावनी दी है कि कौसर नाग यात्रा को रद्द करने का खामियाजा उसे विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा।
पार्टी मुख्यालय में शनिवार को प्रदेश महासचिव बाली भगत ने कहा कि लोकसभा चुनाव में नेकां और कांग्रेस को रियासत में करारी हार मिली। अब विधानसभा चुनाव आने वाले हैं। इसलिए राज्य सरकार ने वोटों के ध्रुवीकरण की साजिश के तहत हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने और कौसर नाग यात्रा को रद्द करने के लिए अलगाववादियों के आगे घुटने टेक दिए।
उन्होंने कहा कि कौसर नाग यात्रा से कश्मीरी पंडितों के अलावा देश के करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक आस्था जुड़ी है। राज्य में वर्ष 2008 में अमरनाथ भूमि विवाद जैसी स्थिति को पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि नेकां और कांग्रेस की हालत तो यह हो गई है कि वह पाक परस्त अलगाववादी नेता सईद अली शाह गिलानी के आगे झुक गई है।
बाली ने कश्मीर आधारित कांग्रेस के पर्यटन मंत्री जीए मीर के बयान (यात्रा के लिए मंजूरी ही नहीं दी गई थी) को झूठा बताते हुए कहा कि कुलगाम प्रशासन ने लिखित में 31 जुलाई से तीन अगस्त तक के लिए यात्रा को मंजूरी दी थी। ऐसे में गैर जिम्मेदाराना बयान के लिए पर्यटन मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं करेगी।