जम्मू। सहारनपुर में हुई हिंसा की आंच जम्मू-कश्मीर तक पहुंच गई। जेएंडके के विभिन्न सिख संगठनोें ने रविवार को अलग-अलग तरीके से विरोध प्रदर्शन कर घटना पर रोष जताया। साथ ही दंगों को रोकने में असफल रहने वाली उत्तर प्रदेश सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की। सुबह डिगियाना आश्रम के पास बड़ी संख्या में जमा सिखोें ने जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे पर जाम लगाकर धरना दिया। इस दौरान सिखों ने उत्तर प्रदेश सरकार का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान सड़क पर जगह-जगह टायर जलाने से दोनों ओर वाहन रुक गए और वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर पकड़ रखे थे, जिन पर यूपी सरकार को हटाने की मांग की गई। लोगों का कहना था कि जो सरकार अल्पसंख्यकों की सुरक्षा नहीं कर सकती, उसे सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। प्रदर्शनकारियों में पुरुषों के अलावा महिलाएं और बच्चे भी उपस्थित थे। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर हाईवे पर यातायात सुचारु किया। इस मौके पर जेएंडके सिख यूनाइटेड फ्रंट, निरभव निरवैर आर्गनाइजेशन, भाई कन्हैया निष्काम सेवा सोसाइटी, आल इंडिया सिख स्टूडेंट फेडरेशन, सिख नौजवान सभा, सिख वेलफेयर सोसाइटी के सदस्य उपस्थित थे।
जम्मू एंड कश्मीर सिख कांफ्रेंस ने भी घटना की कड़ी निंदा की है। कांफ्रेंस के चेयरमैन हरासीस सिंह ने कहा कि अखिलेश सरकार दंगाइयों को रोकने में पूरी तरह विफल रहे हैं। ऐसे में उन्हें पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है। उधर, कठुआ के मुखर्जी चौक स्थित गुरुद्वारे के बाहर एकत्रित होकर समुदाय के लोगों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। सिख यूथ वेलफेयर सोसाइटी के कार्यकर्ताओं ने भी जोरदार प्रदर्शन किया। जेएंडके सिख काउंसिल ने सहारनपुर दंगों के खिलाफ सोमवार को नानक नगर स्थित गुरुद्वारा श्री गुरुनानक देव जी के सामने विशाल प्रदर्शन की घोषणा की है। काउंसिल के अनुसार प्रदर्शन सुबह 10ः30 बजे शुरू होगा, जिसमें जम्मू, आसपास के सिख शामिल होंगे।