उधमपुर। कारगिल युद्ध के दौरान 527 जवान शहीद हुए थे और 1367 घायल हुए थे। इन जवानों को याद करने के लिए अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद और एक्स सर्विस मैन कल्याणकारी संगठन ने उधमपुर के शहीदी स्तंभ पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान वीर बांकुरों को याद कर कई आंखें नम हो गईं।
श्रद्धांजलि समारोह के दौरान बताया गया कि किस तरीके से भारतीय जवानों ने बहादुरी का परिचय दिया और दुश्मन सेना द्वारा हथिया गई चौकियों को वापस लिया था। वर्ष 1948 के बाद यह युद्ध में इतनी संख्या में जवान शहीद हुए थे। उनकी शहादत को कभी नहीं भूला जा सकता है। कारगिल युद्ध 73 दिनों तक चला था। पूरा युद्ध एक क्षेत्र में ही लड़ा गया, जिसमें 527 जवान शहीद और 1367 घायल हुए। काफी मुश्किल और दुर्गम पहाड़ियों में पूरा युद्ध लड़ा गया। इस युद्ध स्तंभ को पिछले साल ही तैयार किया गया। इसमें उधमपुर जिले के 176 जवानों के नाम अंकित किए गए हैं। जिन्होंने 1948 के बाद से देश के लिए अलग-अलग युद्ध में शहादत दी।
कारगिल युद्ध में 527 शहीदों में 69 जवान जम्मू कश्मीर से संबंध रखते थे। इसमें चार परमवीर चक्र, 8 महावीर चक्र और 51 वीर चक्र प्रदान किए गए। अब तक सबसे अधिक गेलेंटरी अवार्ड इसी युद्ध के दौरान दिए। इस दौरान काफी संख्या में सिविल एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी और राजनीतिक दलों के नेता मौजूद थे। युद्ध स्तंभ को
जिला प्रशासन और स्थानीय लोगों के पिछले साल ही 26 जुलाई 2013 को इसे तैयार किया
गया था। कार्यक्रम का संचालन उमाकांत शर्मा ने किया।