जम्मू/दोमाना। सूखे की आशंकाओं और इंद्रदेव की मेहरबानी के लंबे इंतजार के बाद बारिश आई तो राहत कम और आफत का सबब ज्यादा बनी। रायपुर दोमाना और मढ़ विधानसभा क्षेत्र के पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश से आई बाढ़ ने जिंदगी पटरी से उतार दी। बरसात के तांडव से तबाही का मंजर यह था मानो आसमान फट पड़ा हो। इलाके के सभी छोटे-बड़े नालों में आया सैलाब अपने साथ सब कुछ बहा ले जाने पर आमादा था। ज्यादातर इलाकों में ध्वस्त हुई बिजली आपूर्ति देर रात तक बहाल नहीं हो सकी थी। डीसी अजीत कुमार साहू ने मढ़, कंग्रेल, दोमाना, अतिरिक्त जिला आयुक्त कल्याण सिंह ने कोट भलवाल आदि क्षेत्रों में जाकर मौके का जायजा लिया। ब्लाक भलवाल के कंग्रेल में द्वारका नाथ, पूर्व कैप्टन काली दास, केवल कृष्ण, पुरुषोत्तम, थोड़ूू राम, सुख राम, बोध राज, शाम लाल आदि की दुकानों और घरों में घुसे पानी ने तबाही मचा दी। कंग्रेल में स्थित दुकानों के अंदर चार-चार फुट पानी घुस गया। बरन पंचायत का जिला मुख्यालय से संपर्क भी टूट गया। इन इलाकों में कई घरों में भीतर तक पानी घुस जाने से लोगों को पूरी रात छत पर ही गुजारनी पड़ी। दिन में भी कई घरों में खाना तक ठीक से नहीं बन सका।
जम्मू शहर में नालों में फंसे कूड़े-कचरे के चलते बारिश का पानी सड़कों पर तो आया ही, साथ ही लोगों के घरों और दुकानों में भी घुस गया। इससे खासा नुकसान उठाना पड़ा। शहर की अधिकतर सड़कें इन दिनों सीवरेज या केबल बिछाने के लिए खोदी गई हैं। इससे जगह-जगह बने गढ्ढों में भरा पानी राहगीरों के लिए मुसीबत बन गया है। इनके कारण कई छोटी-मोटी दुर्घटनाएं होती रहीं। शहर के कई नालों में पॉलीथिन, पत्थर, कपड़े आदि कई प्रकार की चीजें बारिश के दौरान फंस गई। पानी को रास्ता नहीं मिलने से नाले ओवर फ्लो हो गए और गंदा पानी सड़क पर आ गया। कनाल रोड, साइंस कालेज, बीसी रोड, बस स्टैंड और ज्यूल चौक में फिसलन से लोग परेशान हुए। ज्यूल चौक में सीवरेज की पाइप डालने के बाद मिट्टी डाली थी जो वाहनों के टायर से लगकर तवी पुल तक पहुंच गई। मिट्टी ने सूखने के बाद कई दिक्कतें पैदा कीं। साइंस कालेज के सामने पानी का जमा होना समस्या है।