जम्मू। बारामुला निवासी गुलाम मोहम्मद भट और मुंबई निवासी फिरोज की आपराधिक अपील की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के जस्टिस मोहम्मद याकूब मीर और जस्टिस जनक राज कोतवाल की खंडपीठ ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को अलग रखते हुए आरोपियों को रिहा कर दिया। एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार दोनों आरोपियों पर ट्रायल कोर्ट ने 20-20 साल की सजा सुनाई थी और दो लाख रुपये जुर्माना भी लगाया था। पुलिस केस के अनुसार 23 अप्रैल, 2009 को बटोत पुलिस थाने की टीम ने नाके पर चेकिंग के दौरान आरोपी गुलाम मोहम्मद और फिरोज के पास से एक अखरोट की बोरी मिली। बोरी खोलने पर उसमें गांजा की गंध आई। जांच करने पर उसमें गांजा बरामद हुआ। दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे नशे की तस्करी करते हैं और अकसर गांजा श्रीनगर से मुंबई ले जाते हैं। दोनों के खिलाफ पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया और जांच पूरी करने के बाद अदालत में चालान पेश किया। खंडपीठ ने पाया कि अभियोजन आरोपियों के खिलाफ लगे आरोपों को शक से आगे साबित करने में असफल रहा है। तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले को अलग रखते हुए आरोपियों को रिहा करने के आदेश जारी किए। यदि आरोपियों की किसी अन्य मामले में जरूरत न हो। जेएनएफ