जम्मू। जगती टेनामेंट कमेटी और सोन कश्मीर फ्रंट और प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने विस्थापितों के पुनर्वास के लिए केंद्रीय बजट में 500 करोड़ के प्रावधान को विस्थापितों के साथ मजाक बताया है।
शुक्रवार को हुई संयुक्त बैठक में प्रधान शादी लाल पंडिता ने कहा कि केंद्रीय बजट में किए गए प्रावधानों में बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का कोई पैकेज नहीं है। इसके अलावा रिलीफ राशि को बढ़ाने और क्षतिग्रस्त मकानों के लिए सहायता का भी कोई प्रावधान नहीं किया गया है। पंडिता ने इस अवसर पर जगती में विस्थापित टाउनशिप में 4218 क्वार्टरों का निर्माण 450 करोड़ की राशि से किया गया है और अभी भी निर्माण कार्य पूरा नहीं है। ऐसे में 500 करोड़ का पुनर्वास पैकेज अधूरा है। उन्होंने इस अवसर पर जगती में 16 घंटें की बिजली कटौती से विस्थापितों की बेहाली पर भी चिंता जताई। कश्मीरी पंडित विस्थापित कश्मीर घाटी वापिस लौटने को तैयार है। बशर्तें इसके लिए घाटी में माहौल तैयार करने के अलावा प्रत्येक विस्थापित परिवार को 50 लाख की राशि मुहैया करवाई जाएं। सुनील रैणा, राजिंद्र धर, संजय पंडिता, संजय भट्ट, एस एल टिक्कू, एम एल आखून आदि भी मौजूद रहे।