जम्मू। मुट्ठी में कश्मीरी विस्थापित कैंप को तोड़ने पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। कश्मीर से 1980-90 तक रजिस्टर्ड विस्थापित कैंप फेस एक के निवासी विस्थापितों ने उन्हें वहां से कैंप को खाली कराने पर रोक लगाने की याचिका पेश की और अपील की कि उन्हें वहां से न निकाला जाए। एडवोकेट राहुल रैना की दलीलों पर न्यायाधीश ताशी रबसटन ने राजस्व विभाग के सचिव, जम्मू विकास प्राधिकरण, रिलीफ कमिश्नर (विस्थापित) और असिस्टेंट कमिश्नर रिलीफ संगठन को नोटिस जारी किया। नोटिस जारी करने के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि याची रजिस्टर्ड विस्थापित हैं। जो 1989-90 से मुट्ठी विस्थापित कैंप फेस नंबर एक में रहते हैं। उन्हें जगटी टाउनशिप नगरोटा में दो रूम सेट की अलाटमेंट की गई। इस संबंध में कुछ औपचारिकताएं पूरी की लेकिन उन्हें कब्जा अभी तक नहीं दिया गया। जहां याची अपने परिवार के साथ वहां रह सकें। जेडीए ने मुट्ठी में तोड़फोड़ अभियान शुरू कर दिया, जिससे याची अपने परिवार सहित सड़कों पर आ जाएंगे। याचिकाकर्ता की दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मौजूदा स्थिति को नहीं बदलने और तोड़फोड़ अभियान पर रोक लगा दी।