जम्मू। वेयरहाउस गोलीकांड मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम (सिट) में तीन और सदस्यों को शामिल किया है। वहीं पंजाब गई टीम खाली हाथ लौट आई है। गोलीकांड को एक सप्ताह होने वाला है, अभी तक कोई भी सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस ने वेयरहाउस में शाम आठ बजे के बाद सभी रेहड़ियों और खोखों को बंद करने को कहा है। रात को गश्त भी बढ़ा दी है। इसके बावजूद अभी भी वेयरहाउस मेें बिजली बंद होने के बाद अंधेरा पसरा रहता है और इसमें कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। दिल्ली में मेदांता अस्पताल में व्यापारी विपिन गुप्ता की हालत अभी कुछ सुधार हुआ बताया जा रहा है और डाक्टर लगातार उसका निरीक्षण कर रहे हैं। पुलिस ने भी अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए एसपी साउथ राहुल मलिक की अध्यक्षता में बनी पांच सदस्यीय टीम में तीन और लोगों को शामिल किया है। इसमें डीएसपी हरजीत सिंह, नेहरू मार्केट पुलिस चौकी प्रभारी इरफान वानी और सतवारी थाने के एएसआई सुनील कुमार शामिल हैं। इससे पहले गांधीनगर एसएचओ राजेंद्र शर्मा, गांधीनगर थाने से एएसआई प्रीतम सिंह, हेड कांस्टेबल विजय कुमार, मोहम्मद फजल शामिल थे।
गोलीकांड से पहले उसके मोबाइल फोन पर आए फोन नंबरों को भी पुलिस खंगाल रही है और उन्हें थाने लाकर पूछताछ कर रही है। पुलिस की ओर से मामले में संदिग्ध लोगों से पूछताछ जारी है। वेयरहाउस में रात के समय में खुलने वाली दुकान और खोखों के मालिकों से भी जानकारियां हासिल की जा रही हैं कि रात आठ बजे के बाद किस तरह के लोग क्षेत्र में घूमते हैं या उनके पास ग्राहक के तौर पर आते हैं। विपिन ने भी यही बयान दिया है कि उसकी किसी से भी कोई दुश्मनी नहीं है और वह हमलावरों को पहचानता भी नहीं है। इस वजह से पुलिस को इस केस में फिलहाल कोई लीड नहीं मिली है। रुपये लूटने के लिए गिरोह, लेन-देन या संपत्ति विवाद तीन थियोरियों पर काम किया जा रहा है।