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सावधान! ठंडक का एहसास भारी न पड़े

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जम्मू। मौसम में बदलाव का असर सेहत पर दिखने लगा है। पारा गिरने से ब्लड प्रेशर बढ़ने की शिकायत भी बढ़ने लगी है। इसमें युवा हाईपरटेंशन की चपेट में आ रहे हैं। शरीर को ज्यादा आरामदायक बनाने की चाहत युवाओं को इस साइलेंट किलर की गिरफ्त में ला रही है। लोगों में ज्यादा ब्लड प्रेशर से हार्ट अटैक के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। हृदय विशेषज्ञों के अनुसार सर्दी बढ़ने पर हाईअटैक और बीपी स्ट्रोक के मामलों में बढ़ोतरी होगी।
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तापमान में गिरावट के साथ ब्लड प्रेशर के मामलों में बढ़ोतरी होने लगी है। जीएमसी में रोजाना ब्लड प्रेशर स्ट्रोक के कई मामले पहुंच रहे हैं। कार्डियोलाजी विभाग के एचओडी डॉ. सुशील शर्मा के अनुसार पारा गिरने पर शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं, जिससे खून में कंपोनेंट आपस में जुड़कर सीधे दिल पर हमला करते हैं। इससे खून की सप्लाई प्रभावित होने से हार्ट अटैक की शिकायत बढ़ती है। मोटापा, तनाव के बाद हाईपरटेंशन, हार्ट अटैक का कारण बन रहे हैं। पारा गिरने के कारण शरीर में सामान्य 120/80 एमएम एचजी ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ जाता है। इसमें कई लोगों को यह प्रेशर लगातार ऊपर रहता है, जिससे हाईपरटेंशन की चपेट में आकर लोगों में हार्ट अटैक का शिकार होते हैं। खून में चरबी, चिकनाई बढ़ने, खून की नसें सिकुड़ने, गुर्दे में कोई समस्या आदि से ब्लड प्रेशर की शिकायत बढ़ रही है, लेकिन तनावग्रस्त रहने वाले युवा इससे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। रोजाना सामान्य से ज्यादा नमक खाने वालों में हाईपरटेंशन (उक्त रक्तचाप और तनाव) की शिकायत ज्यादा है। सर्दी में ऐसी परिस्थितियां और गंभीर हो जाती हैं। दिमाग की नसों पर हद से ज्यादा दबाव पड़ने से लकवा मार जाता है। जिन दंपतियों में ब्लड प्रेशर की शिकायत होती हैं, उनके बच्चों में पचास प्रतिशत तक इसकी रिपोर्ट हो रही है। आंकड़ों के मुताबिक देश में हर तीसरे व्यस्त में ब्लड प्रेशर की शिकायत है।
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