जम्मू। डिसप्ले योर टैलेंट प्रतियोगिता के तहत मंगलवार का दिन कविताओं और गजलों के नाम रहा। प्रतियोगिता के तहत आयोजित कविता पाठ स्पर्धा में पहले स्थान पर दो छात्रों ने कब्जा किया। उर्दू विभाग के राकेश कुमार की गजल इसकी जो सदा है और एमएएम कालेज के छात्र मुनीर हुसैन की गोजरी कविता हूं मंगतो सवाली ने पहला स्थान अपने नाम किया। दूसरे स्थान पर अंग्रेेजी विभाग की छात्रा स्वाती विजय ने स्वरचित कविता कुट्टी के साथ कब्जा किया। बड़े होने के साथ किस प्रकार से हमारी मासूमियत खत्म होती जाती है और हम चालाक होते जाते हैं, को कुट्टी कविता में स्वाती ने शब्द दिए। आखिर में कवयित्री बच्चों से अपने साथ खिलाने की बात कहती है लेकिन वह जानती है कि बच्चे उसे अपने साथ नहीं खिलाएंगे। साइंस कालेज की पूनम खजूरिया ने तीसरा स्थान हासिल किया। इसके अलावा जीसीईटी की महक गुप्ता, माइट की मोनिका मित्र, जूलाजी विभाग की दिव्या भोगल और साइंस कालेज के अविनाश कनोत्रा को सर्टिफिकेट आफ मेरिट दिया गया।
स्पर्धा में विजेताओं को सीरियल नंबर के आधार पर बुलाया जा रहा था। सीरियल नंबर 46 ने कश्मीरी विस्थापन पर आधारित हरि मृदुल की हिंदी कविता को, जबकि सीरियल नंबर पचास ने ‘उम्मीद’ शीर्षक से कविता को पढ़ा। सीरियल नंबर 51 ने ‘असलियत जिंदगी के’ शीर्षक से, सीरियल नंबर 52 ने ‘वो तकलीफ वो दर्द’ में दिल्ली बलात्कार पीड़िता के दर्द को शब्द दिए, सीरियल 53 ने ‘शायद’ शीर्षक से, सीरियल नंबर 54 ने ‘कौन हूं मैं’, जबकि सीरियल नंबर 55 ने डोगरी में दिल्ली बलात्कार को केंद्र में रख कर कविता ‘उठो नौजवानों’ को पढ़ा। इसके अलावा प्रतिभागियों ने महिला सशक्तिकरण, भ्रूण हत्या, देशभक्ति, सांप्रदायिक सौहार्द, आतंकवाद, बेरोजगारी, पर्यावरण आदि से जुड़े मुद्दों को भी कविता में उठाया। स्पर्धा में पद्मश्री जितेंद्र उधमपुरी, प्रो. ललित मंगोत्रा और प्रो. जहूर-उद-दीन ने जज की भूमिका निभाई। प्रतिभागियों ने हिंदी, उर्दू और डोगरी के अलावा पंजाबी, अंग्रेजी आदि भाषाओं में भी रचनाओं को पढ़ा। कार्यक्रम का संचालन स्टूडेंट कल्चरल काउंसिल के सदस्य शैली अग्रवाल ने किया। इस मौके पर डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. एनके त्रिपाठी, प्रो. नीरू शर्मा, प्रो. यश शर्मा, कुलभूषण ठाकुर, गुरपाल सिंह, यशपाल, रामपाल आदि विशेष रूप से उपस्थित थे।