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पीओके से रची जा रहीं बड़ी घुसपैठ की साजिशें

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जम्मू। पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में देश विरोधी तत्व बड़े पैमाने पर घुसपैठ की साजिश रच रहे है। एलओसी के केरन सेक्टर में शाला भाटा में पिछले चौदह दिन से पाकिस्तानी समर्थित घुसपैठियों और भारतीय सेना के बीच जारी मुठभेड़ केंद्र सरकार के लिए गंभीर चेतावनी है। आतंकी संगठन लश्कर-ए-तोयबा का सरगना और 26/11 का मास्टर माइंड हाफिज सईद इसका सूत्रधार है। हाफिज सईद पीओके में पिछले कई दिनों से डेरा जमाकर देश विरोधी साजिशों को अमलीजामा पहना रहा है। इसकी दूसरी वजह आगामी नवंबर महीने में पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष जनरल अशफाक परवेज कियानी का रिटायरमेंट है।
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रिसर्च एनालसिज विंग (रॉ) ने केंद्र सरकार को इन साजिशों से आगाह कर दिया है। सुरक्षा और खुफिया सूत्रों ने यह जानकारी दी है कि पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी प्रशिक्षण शिविरों में बैठे आकाओं की नजर 2014 पर है। देश में 2014 में लोकसभा के बाद जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव होने हैं। लिहाजा सर्दी का मौसम शुरू होने से पूर्व खासी तादाद में आतंकियों का कश्मीर में जमावड़ा करने की साजिश को पीओके से अंजाम दिया जा रहा है। हफीज सईद यह खेल पीओके में ही बैठे हिजबुल मुजाहिद्दीन के सरगना सैयद सल्लाउददीन से मिलकर खेल रहा है।प्रदेश भाजपा के चीफ प्रवक्ता और भारत-पाक मामलों में राज्य में विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र सिंह के मुताबिक हीरानगर, सांबा और शाला भाटा में आतंकियों के हमले और मुठभेड़ों साबित करती है कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी संगठन जम्मू कश्मीर में सक्रिय हो गए हैं। घुसपैठ के लगातार प्रयास और सीज फायर का उल्लंघन भी इसका प्रमाण है। इसमें कोई दो राय नहीं कि पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष जनरल कियानी के रिटायर होने से पूर्व आतंकी संगठनों को घुसपैठ में पाकिस्तानी सेना पूरी मदद कर रही है। जनरल कियानी को आतंकवाद समर्थक माना जाता है। अगले पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष पर इस समय वहां पर खींचतान जारी है। अगले सेनाध्यक्ष के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल राशिद महमूद का नाम लिया ला रहा है। इसके अलावा अफगानिस्तान से अमेरिकी फौज हटने के बाद लश्कर और हिजबुल की नजर तालिबान की मदद पर भी है। बकौल डॉ. जितेंद्र सिंह जाहिर तौर पर मौजूदा घटनाक्रम यूपीए सरकार के लिए गंभीर चेतावनी है।
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