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43.8 डिग्री सेल्सियस : सीजन का सबसे गर्म दिन

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जम्मू। रविवार को इस सीजन का सबसे गर्म दिन रिकार्ड किया गया। पारे ने 44 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को छूकर लोगों का जीना मुहाल कर दिया। पिछले दस वर्षों में यह तीसरा मौका है कि जब मई माह में 44 डिग्री तक चढ़ा हो। लगातार बढ़ती गर्मी से बिजली और पानी का संकट भी गहरा गया है। कई हलकों में बिजली की अघोषित कटौती शुरू हो गई है और पानी की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले चौबीस घंटों के दौरान रियासत में मौसम आमतौर पर खुश्क रहेगा। इसके अलावा अगले कुछ दिनों तक गर्म हवाओं का हमला भी जारी रहेगा।
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लगातार चालीस डिग्री से ऊपर का तापमान सह रहे शहरवासियों के लिए रविवार का दिन कहर बन कर आया। गर्मी से पूरा शहर बिलबिला कर रह गया। सुबह से ही हवा में ठंडक गायब थी। सुबह आर्द्रता केवल 16 फीसदी प्रतिशत थी, जो शाम को घट कर चौदह फीसदी रह गई थी। सुबह के सात ही बजे थे कि गर्म हवाओं के थपेड़ों ने झुलसाना शुरू कर दिया। दस बजते-बजते सूरज पूरे शबाब पर था और आसमान से शोले बरस रहे थे। दोपहर को सूरज आग बरसाने लगा और गर्म हवाओं से गर्मी का कहर बरपने लगा। मजबूरी में घरों से निकले शहरवासियों ने राहत के हरसंभव विकल्प अपनाए। मंगलवार को तापमान ने इस साल के सारे रिकार्ड तोड़े। रविवार को दिन का पारा सामान्य 38 डिग्री से करीब छह डिग्री ज्यादा 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले सन 2012 में तीस मई को तापमान 44.8 डिग्री और सन 2010 में पच्चीस मई को 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दोपहर को शहर बिलकुल सूना था। पैदल चलने वालों और दो पहिया चालकों ने दोपहर को घरों से बाहर निकलने से परहेज किया। इससे पहले शनिवार रात का सामान्य से तीन डिग्री ज्यादा 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रचंड गर्मी के प्रकोप से लोगों का जीना अब मुहाल होने लगा है। गर्मी का प्रकोप बढ़ने के साथ-साथ बाजार में पंखे, कूलर और ऐसी की बिक्री करने वाले दुकानदारों की भी चांदी होने लगी है। लोगों को उक्त बिजली के उपकरण खरीदना अब मजबूरी बन गई है। सूरज का प्रचंड आैर रौद्र रूप इन दिनों पूरी रियासत में लोगों पर भारी पड़ रहा है। गर्मियों की प्रचंडता के कारण लोगों पर कई प्रकार के रोग भी हावी होने लगी हैं। डायरिया के साथ-साथ सन स्ट्रोक का आक्रमण भी हो रहा है। अगर शीघ्र ही मौसम का रुख नहीं बदला तो हालात गंभीर हो जाएंगे।
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