जम्मू। अफजल गुरु को फांसी देने के बाद श्रीनगर में तनाव बन गया है। इस वजह से वहां पर कर्फ्यू लगाया गया, जिसे पांच दिन हो गए हैं। कर्फ्यू की वजह से अधिकतर यात्री वाहनों के चक्के जाम हो गए हैं। निजी बस आपरेटरों को सवारी नहीं मिल रही है, जिस कारण उनकी खाली बसें जनरल बस स्टैंड में खड़ी है। दो दिनों से खड़ी बसों के न चलने के कारण बस आपरेटरों को अभी तक लाखों रुपयों का नुकसान हो गया है। आपरेटरों का कहना है कि सवारी नहीं होने के कारण आपरेटरों की रोजी-रोटी दांव पर लगी गई है।
बस स्टैंड से पिछले पांच दिनों से बस सेवा जम्मू और श्रीनगर के बीच सुनिश्चित रूप से बहाल नहीं हो सकी है। हालांकि जम्मू-श्रीनगर हाइवे में यातायात जारी है। मात्र सवारी वाहनों को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। लोग भी इस बात से अभी तक डरे हुए हैं कि श्रीनगर में हालात ठीक नहीं हैं। लेबर वर्क के लोग रियासत के पीछे शहरों में ही ठहर गए हैं। पंजाब, हरियाणा तथा दिल्ली से आने वाले श्रीनगर और कश्मीर के लोग रियासत की ओर आगे बढ़ने को अभी तैयार नहीं हैं। वे भी लगातार टीवी, चैनलों से चिपके श्रीनगर में स्थिति सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। जनरल बस स्टैंड जम्मू से रोजाना श्रीनगर के लिए 25-30 बसें रवाना होती है, जो कि पिछले पांच दिनों से सही तरीके से नहीं चल पा रही है। पहले तीन दिनों में यात्रियों को बस स्टैंड में रुक कर कर्फ्यू हटने का इंतजार करना पड़ा था। बस आपरेटर सुरेश महाजन के मुताबिक बस स्टैंड में सवारी नहीं है। अन्य रूटों की सवारी ही चल रही है। उन्होंने बताया कि उनकी तरफ से बुकिंग की जा रही है। देर रात तक तीन बसों को रवाना किए जाने की संभावना है। अब तक आपरेटरों को लाखों रुपये का नुकसान हो गया है। यात्रियों से 270 से 300 रुपये बस में तथा 350 से 400 रुपये टैंपों ट्रेवल की तरफ से लिए जाते हैं।