जम्मू। साझा सरकार के मंत्रिमंडल में हालिया फेरबदल के बाद शाम शर्मा को पीएचई मंत्रालय के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है। जम्मू के कांग्रेस मंत्रियाें में शाम शर्मा सिर्फ अकेले ऐसे नेता हैं, जिनका रुतबा मंत्रिमंडल में बढ़ा है। अन्य कांग्रेसी मंत्री अहम विभाग हासिल करने में नाकामयाब रहे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी में शाम शर्मा को पीएचई मंत्रालय मिलना चर्चा का विषय बना हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक शाम शर्मा द्वारा स्वास्थ्य विभाग में अफसरों से की जाने वाली मैराथन बैठकों की वजह से अब पीएचई महकमे के अफसर भी परेशान है। शाम शर्मा ने विभागीय गतिविधियों का जायजा लेने के लिए होमवर्क शुरू कर दिया है। जल्द ही शर्मा पीएचई, बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई विभाग के आला अफसरों से जारी प्रोजेक्टों की स्थिति का हिसाब-किताब लेंगे। पहले चरण में वह डिवीजनल स्तर पर कामकाज की समीक्षा करने के बाद कर्मठ अफसरों कोर टीम का भी चयन करेंगे। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक शर्मा के स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर चार साल के कार्यकाल में स्वास्थ्य और बागवानी विभाग में राज्य को देश में अहम स्थान मिलने की वजह से शाम शर्मा को पीएचई महकमे की जिम्मेदारी सौंपी गई। पार्टी अध्यक्ष प्रो. सोज और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी मोहन प्रकाश ने भी इसी वजह से शर्मा को अहम मंत्रालय देने की पैरवी की थी।