जम्मू। स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एसआरटीसी) के मुलाजिमों ने मंगलवार को एक दिवसीय चक्का जाम करके हड़ताल की। मुलाजिम नेताओं ने विक्रम चौक स्थित जनरल मैनेजर आपरेशन के कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन करते हुए मुलाजिमों को सरकारी की कर्मचारी विरोधी नीतियों से अवगत करवाया। जेएंडके एसआरटीसी वर्कर्स यूनियन के महासचिव परमजीत सिंह, प्रधान अशोक वर्मा तथा चेयरमैन शकील अहमद कुच्चे के नेतृत्व में सैकड़ों मुलाजिमों ने विक्रम चौक से रेल हेड कांप्लेक्स स्थित एसआरटीसी के एमडी के कार्यालय तक रैली निकाली। यहां मुलाजिमों ने सरकार तथा एसआरटीसी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी है कि अगर 23 से 25 जनवरी तक उनकी मांगों को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं हुआ तो वे सरकार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। उधर, जम्मू, कश्मीर और लेह लद्दाख के 1300 वाहनों के चक्के जाम होने से यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।
विक्रम चौक स्थित धरना प्रदर्शन के दौरान मुलाजिमों ने रात बारह बजे से लेकर मंगलवार रात बारह बजे तक 24 घंटे के लिए एसआरटीसी के वाहनों के चक्के जाम रखे। इससे यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।
चेयरमैन शकील अहमद कुच्चे ने कहा कि एसआरटीसी प्रबंधन की तरफ से उनकी मांगों को लंबे समय से स्वीकार नहीं किया जा रहा है, जिस कारण मुलाजिमों के लिए दिन प्रतिदिन मुश्किल बढ़ रही है। महासचिव परमजीत सिंह ने कहा कि मुलाजिमों के दम पर ही कारपोरेशन टिकी है। उन्होंने बताया कि उनकी मांगों में हिमाचल पैटर्न पर एसआरटीसी को भी चलाए जाने, छठे वेतन आयोग को डीए सहित एसआरटीसी में लागू करने तथा एसआरटीसी मुलाजिमों को एसआरओ 43 का लाभ देना शामिल है। उक्त नेताओं के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी मुलाजिम विक्रम चौक से रैली निकाली, जो कि डोगरा चौक, वापस विक्रम चौक, पनामा चौक और रेलवे स्टेशन से होते हुए रेल हेड कांप्लेक्स एमडी के दफ्तर में खत्म हुई।
दूसरे राज्यों के लोग हुए ज्यादा परेशान ः जम्मू के लोगों को तो हड़ताल के बारे में हल्की सूचना मिल गई थी, लेकिन ट्रेनों के माध्यम से आने वाले दूसरे राज्यों के लोगों को इसकी सूचना न होने के कारण कटरा जाने वाले हजारों यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। रेलवे स्टेशन के कटरा काउंटर के बाहर मुलाजिमों ने हड़ताल संबंधी यात्रियों को सूचित किया। एसआरटीसी के कर्मचारी बलराम सिंह के मुताबिक कटरा काउंटर से रोजाना एसआरटीसी की 80 के करीब बसें चलती हैं, जो कि मंगलवार हड़ताल के चलते नहीं चली। यह बसें कटड़ा के दो फेरे भी लगाती हैं। इनमें रोजाना दस से बारह हजार यात्री सफर करते हैं, जिन्हें इधर-उधर भटकना पड़ा है।