नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की पूछताछ के दौरान समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट के एक आरोपी ने खुलासा किया है कि उसने ही आठ साल पहले जम्मू की एक मस्जिद के बाहर ग्रेनेड से धमाका किया था।
पीर मिठ्ठा इलाके में 9 जनवरी, 2004 को हुए इस विस्फोट में 20 लोग घायल हुए थे। एनआईए को आशंका है कि समझौता ट्रेन और मालेगांव में धमाके करने के आरोपी इस अतिवादी ग्रुप ने जम्मू में और भी वारदातों को अंजाम दिया हो सकता है। इसलिए एजेंसी ने मस्जिद धमाके की जांच जम्मू-कश्मीर पुलिस से अपने हाथ में लेने का फैसला किया है। एनआईए की एक टीम ने बीते सोमवार को ही जम्मू से दो युवकों को पूछताछ के लिए पकड़ा था।
हाल ही में एनआईए ने समझौता एक्सप्रेस में बम रखने के आरोपी राजेश चौधरी, धन सिंह और तेजराम को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया था। इन्हीं में से एक आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने जम्मू की मस्जिद के बाहर जुमे की नमाज के बाद ग्रेनेड फेंककर विस्फोट किया था। जेएंडके पुलिस से केस अपने हाथ में लेकर जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि रियासत में दूसरी कितनी वारदातों में यह संगठन शामिल है। जम्मू की मस्जिद में धमाके में पुलिस ने तहरीक-उल-मुजाहिदीन संगठन के शामिल होने का दावा किया था।