जम्मू/दोमाना। दो दिन पहले सैनिक कालोनी के पास कार में आग लगने से जिंदा जले तीन युवकों में से दो का बुधवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। जीएमसी पुलिस चौकी में तैनात कांस्टेबल उमा शंकर के बेटे सुनील कुमार (निवासी लोअर रूप नगर) का संस्कार पुरमंडल में किया गया, जबकि दूसरे युवक संदीप सिंह (निवासी बन तालाब) का संस्कार शक्ति नगर शमशान घाट में किया गया। देर रात दोनों युवकों की पहचान होने के बाद सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार वालों को सौंपे गए। उल्लेखनीय है कि तीसरे युवक शुभम की एक दिन पहले ही पहचान हो जाने के कारण उसका संस्कार मंगलवार को ही कर दिया गया था। उल्लेखनीय है कि दोनों युवक संदीप और सुनील एक विवाह समारोह की फोटोग्राफी कर रहे थे। रात लगभग 12 बजे के बाद वे शुभम के साथ कार में घूमने के लिए निकले थे। इसके बाद यह हादसा हुआ। दोनों मृतकों में कई समानताएं पाई गईं। मसलन दोनों मृतकों के तीन-तीन भाई थे। दोनों युवक अपने भाइयों में तीसरे नंबर पर थे। दोनों एक साथ फोटोग्राफी करते थे। दोनों की पहचान भी मंगलवार देर रात हुई। दोनों का अंतिम संस्कार भी अगले दिन हो पाया। दोनों के शव इतने बुरी तरह जले थे कि पहचान ही नहीं हो पा रही थी। दोनों शवों की हालत खराब होने के कारण पोस्टमार्टम के तुरंत बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया।
बताया जाता है कि संदीप सिंह के पिता विक्रम सिंह मूल रूप से कश्मीर के कुलगाम क्षेत्र के रहने वाले हैं। पिछले एक साल से वे बन तालाब स्थित गंगा नगर इलाके में किराए के मकान पर रह रहे हैं। संदीप की मां गुड्डी देवी को जब बेटे की मौत का पता चला तो उसकी हालत खराब हो गई। उन्हें बार-बार संभालना पड़ रहा था। उधर, सुनील के शव को जीएमसी मार्चरी से घर लाया गया और कुछ क्षणों बाद ही उसे पुरमंडल ले जाया गया, जहां उसका अंतिम संस्कार हुआ।