जम्मू। जम्मू में पिछले कई सालों से बड़ी तादाद में ऐसे लोग बाहर से आकर बस गए हैं जिनकी शिनाख्त का कोई जरिया पुलिस के पास नहीं है। तमाम राज्यों से आए लोगों की यह बसाहट आतंकियों के लिए सहूलियत का सबब बन जाती है। वे बड़ी आसानी से बीच इन्हीं के बीच में पनाह लेते हैं और अपनी कारगुजारी को अंजाम देकर भाग निकलते हैं। नरवाल में ग्रेनेड हमले के बाद भठिंडी इलाके में वन विभाग की जमीन पर हुए अवैध कब्जों का मुद्दा उठ गया है। इस इलाके में सैकड़ों कनाल वन विभाग की जमीन पर हुए अवैध कब्जों को हटाने की मांग प्रदेश भाजपा, शिव सेना हिंदुस्तान और जेकेडीएफ आदि संगठनों ने की है।
प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और जम्मू ईस्ट से विधायक अशोक खजूरिया का कहना है कि आतंकी हमला जम्मू शहर में देश विरोधी तत्वों के सक्रिय होने का प्रमाण है। खजूरिया ने कहा कि सरकार सिर्फ गिलानी जैसे अलगाववादियों के एजेंडों को पूरा करने में जुटी है। जेकेडीएफ के चेयरमैन अनिल गुप्ता ने भी ग्रेनेड हमले की निंदा करते हुए मृतक के सगे संबंधियों को कम से काम पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद और उसके परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने और घायलों को भी तुरंत एक-एक लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की मांग की।
शिव सेना हिंदुस्तान के प्रमुख पंडित राजेश केसरी और उपाध्यक्ष विक्रांत कपूर ने कहा कि जब तक नरवाल, भठिंडी और सुंजवां इलाकों में वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जों का सिलसिला चलता रहेगा, ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। होना तय है। क्याेंकि जम्मू की डेमोग्राफी तब्दील करने की कोशिशें चल रही हैं।