जम्मू। संत आसाराम बापू के हरि ओम धुन के साथ शनिवार को भगवती नगर आश्रम में दो दिनी सत्संग का आगाज हुआ। संगत से खचाखच भरे पंडाल में बापू ने सत्संग, ध्यान, योग, प्राणायाम के साथ व्यक्ति विकास के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने सुखी-स्वस्थ जीवन और सम्मानित जीवन यापन के भी गुर दिए गए। उनका कहना था कि प्रभु के नाम जप और गुरु मंत्र जाप से सभी कष्टों से मुक्ति पाई जा सकती है। उन्होंने जम्मूवासियों को आध्यात्मिक दीवाली मनाने की सीख दी।
बापू ने कहा कि नाम जाप के प्रताप से ही सैंडी नामक समुद्री तूफान में भी अमेरिका के न्यूजर्सी स्थित आश्रम को कोई क्षति नहीं पहुंची। इसी तरह गोधरा में हुए हेलीकाप्टर हादसे में भी वह बाल बाल बच गए। संगत को जाप का महत्व बताते हुए बापू ने कहा कि पांच गुणा जाप (पांच करोड़ जाप) से पुत्र प्राप्ति और विद्या का स्थान मिलता है। छह गुणा जाप से शत्रु स्थान खत्म होना, सात गुणा जाप से स्त्री स्थान शुद्ध होना, आठ करोड़ जाप से हादसा टल जाता है। तुलसी के पौधे के सामने बैठकर जाप करने से उसका महत्व और फल बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि सत्संग और गुरु मंत्र से कोई भी महान बन सकता है। जम्मूवासियों को दीवाली को आध्यात्मिक तरीके से अपनाने की सीख देते हुए बापू ने कहा कि वह दुख, चिंता और बीमारी को अपना न समझे। प्रकाश और ज्ञान से ही सफल जीवन मिलता है।
विशाल व्यासपीठ पर बैठे बापू ने संगत को हरिओम की परिभाषा समझाते हुए कहा कि इसके मात्र जाप से ही सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। भारतीय संस्कृति को भूलती युवा पीढ़ी और भावी निर्माण की नींव बच्चों के लिए आश्रम में निशुल्क बाल संस्कार प्रदर्शनी लगाई गई है। यहां पर विज्ञान और अध्यात्म के अनूठे समन्वय से सामाजिक जीवन में सफलता के विभिन्न प्रयोग बताए गए हैं।
रेलगाड़ी में पहुंचे आसा राम बापू
जम्मू। भगवती नगर आश्रम में शनिवार को सत्संग के पहले दिन बापू ने पंडाल में रेलगाड़ी से अपने अनुयायियों के पास पहुंचकर दर्शन दिए। भक्तों के भारी सैलाब के बीचों बीच अस्थायी पटरी बिछाई गई थी। जिसे बापू खुद ही धीमी गति से चलाकर भक्तों के पास पहुंचे। इस दौरान करीब आधे घंटे तक रेलगाड़ी पर संगत के बीच रहे। संगत में एक विशेष मशीन से प्रसाद के तौर पर टाफियां, तुलसी आदि पहुंचाया गया।
चिकित्सा स्टाल लगे
जम्मू। भगवती नगर आश्रम में आयुर्वेदिक व प्राकृतिक, एक्यूप्रेशर, चुंबकीय चिकित्सा, होम्योपथिक चिकित्सा आदि सेवाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। इन चिकित्सा स्टालों पर लोगों की खासी भीड़ पहुंच रही है। किसी भी रोग से पीड़ितों को इन सेवाओं का लाभ देने के लिए स्टाल सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे खुले रहेंगे।