उधमपुर। बीएसएफ के सहायक प्रशिक्षण केंद्र उधमपुर में आयोजित रोजगार मेले में नियुक्ति पत्र हासिल करने वाले युवाओं में खासा उत्साह नजर आया। इनमें काफी संख्या में पुरुषों के साथ महिला अभ्यर्थी भी शामिल थीं। बीएसएफ, एसएबी व अन्य विभागों में चयनित हुए इन युवाओं का कहना था कि हिम्मत के साथ की गई मेहनत और सरकार के भ्रष्टाचार मुक्त तरीके से रोजगार देने के प्रक्रिया से वे अपने लक्ष्य को हासिल कर पाएं हैं। उन्होंने कहा कि पहले के मुकाबले रोजगार देने की प्रक्रिया को पारदर्शिता के साथ भ्रष्टाचार मुक्त बनाया गया है, इसलिए सभी युवा सफल होने के लिए कड़ी मेहनत करें और निराशा को त्याग हिम्मत के साथ आगे बढे़ं, उन्हें सफलता जरूर मिलेगी।
बीएसफ में नियुक्ति पाकर बेहद खुश हूं। जीवन का सपना पूरा हुआ है। इसके लिए मैं भारत की मोदी सरकार का विशेष धन्यवाद करती हूं, जिन्होंने भर्ती प्रक्रिया में होने वाली धांधली के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को अपनाया है। भ्रष्टाचार खत्म होने से अब मेहनत और काबलियत का सम्मान हो रहा है और सभी वर्ग के युवा रोजगार पा रहे हैं।-पल्लवी शर्मा (मलाड़, उधमपुर)
प्रधानमंत्री के रोजगार मेले में केंद्रीय राज्य मंत्री के हाथों बीएसएफ का नियुक्ति पत्र पाकर बेहद खुश हूं। यह हम सभी के लिए सर्वोच्च अवसर है कि भारत सरकार ने 10 लाख युवाओं को रोजगार देने की योजना शुरू की है। मेरी सभी युवाओं से अपील है कि निराश बिल्कुल न हों। ईमानदारी के साथ मेहनत करें, मंजिल जरूर मिलेगी। अभी बहुत से युवाओं को सरकार रोजगार देने जा रही है, इसलिए मेहनत और जोश के साथ आगे की तैयारी करें। -प्रियंका वर्मा (मावा, सांबा)
वर्तमान में सरकारी नौकरी मिलना बड़ा मुश्किल माना जाता है, इसलिए आज नियुक्ति पत्र पाकर बेहद खुश हूं। बीएसएफ में जाने का सपना बचपन से देखना शुरू किया था और इसके लिए कड़ी मेहनत की है। सरकार की भ्रष्टाचार मुक्त नीति की वजह से आज सपना साकार हुआ है। अभी और बहुत सी नौकरियां शेष हैं। सभी युवाओं से अपील है कि बिना किसी निराशा के साथ अपनी मेहनत जारी रखें। सफलता अवश्य मिलेगी।-आदित्य ठाकुर (उधमपुर)
भर्ती की कई चुनौतियों को पार कर आज चयनित हुई और आज ही नियुक्ति पत्र मिला है। सरकार अच्छा काम कर रही है। कई लाख युवाओं को रोजगार देने की योजना शुरू की गई है। इससे बेरोजगारी कम होगी और बहुत से युवा रोजगार हासिल कर अपने सपनों को पूरा करेंगे। सभी को मेहनत के साथ बिना किसी निराशा के तैयारी करनी चाहिए। रेणुका (सांबा)