कच्ची गलियां, बंद नालियां और खराब स्ट्रीट लाइट तक नहीं हो पाई दुरुस्त
उधमपुर। शहर से सटे वार्ड नंबर 17 में पिछले एक दशक से विकास कार्य ठप हैं। कच्ची गलियां, बंद नालियां, और खराब स्ट्रीट लाइटें नगर परिषद के बड़े-बड़े दावों की पोल खोल रही हैं। लोगों का कहना है कि वार्ड में विकास तो दूर स्ट्रीट लाइटों की हालत तक नहीं सुधरी है।
स्थानीय निवासी सालों से इन समस्याओं का हल निकालने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी आवाज अनसुनी रही है। बारिश के दिनों में कच्ची गलियों में चलना दूभर हो जाता है। नालियों की सफाई न होने के कारण पानी गलियों और घरों में भर जाता है। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ। खराब स्ट्रीट लाइटों ने रात में अंधेरा और असुरक्षा का माहौल बना दिया है। स्थानीय निवासियों की मांग है कि नगर परिषद जल्द से जल्द इस वार्ड की दशा सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए।
वार्ड में कई गलियों की दशा दयनीय बनी हुई है। कई जगह नालियां कचरे से भरकर ब्लॉक होने के कारण कई जगह पर क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इसके चलते बारिश के दिनों में सारा पानी गलियों में बहने से लोगों के घरों के अंदर तक आ जाता है। इससे नुकसान उठाना पड़ रहा है।
करतार चंद, स्थानीय निवासी
क्षेत्र में कई स्ट्रीट लाइटें पिछले पांच से छह महीनों से खराब पड़ी हुई हैं। इसके चलते रात के समय लोगों को आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं क्षेत्र में कई गलियां क्षतिग्रस्त होने के बावजूद मरम्मत का कार्य नहीं करवाया जा रहा है।
नीलम शर्मा, स्थानीय निवासी
नगर परिषद की ओर से बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं कि वार्डों में कोई समस्या नहीं है और हर तरह का विकास हो रहा है। मगर यहां दस साल से ज्यादा समय के चलते कच्ची पड़ी गलियों को पक्का नहीं किया जा सका है।
अंग्रेज सिंह, स्थानीय निवासी
क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। इसके चलते क्षेत्र में कई जगहों पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं। पहले तो डोर-टू-डोर सेवा के चलते सफाई कर्मचारी लोगों के घरों से आकर कचरा ले जाते थे। मगर पिछले एक महीने से वह भी बंद है। लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नीलम देवी, स्थानीय निवासी
जल्द ही वार्ड में लाइनमैन को भेजकर बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। वार्ड में क्षतिग्रस्त हुई गलियों व नालियों की मरम्मत करवाने के लिए आने वाले वित्त वर्ष के प्लान में रखवाकर उनका कार्य करवाया जाएगा।
राजेंद्र ढींगरा, सीईओ नगर परिषद