उधमपुर। शहर के साथ लगते अंबिहार इलाके में नगर परिषद की तरफ से चोरी छिपे गंदगी फेंकने के विरोध में मंगलवार को अंबिहार के आसपास रहने वाले लोगों ने नगर परिषद के वाहनों को रोक कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर नगर परिषद के सीईओ अमित चौधरी मौके पर पहुंचे और उन्होंने गंदगी से भरे वाहन लेकर पहुंचे सफाई कर्मचारियों व वाहन चालक को फटकार लगाई।
नगर परिषद के लिए शहर की गंदगी को बाहर फेंकना करीब ढाई महीने से परेशानी का सबब बना हुआ है। अभी तक नगर परिषद को गंदगी को फेंकने के लिए स्थान नहीं मिल सका है और इसके कारण शहर की सफाई व्यवस्था भी चरमराई हुई है। नगर परिषद के सफाई कर्मचारी अलग-अलग स्थानों पर गंदगी को फेंक कर काम चला रहे हैं। कुछ दिन से शहर की गंदगी को अंबिहार में राजमार्ग के किनारे पर फेंका जा रहा था। जब स्थानीय निवासियों को इसका पता चला तो लोग सतर्क हो गए। सोमवार देर रात करीब तीन बजे नगर परिषद का एक वाहन गंदगी फेंकने के लिए अंबिहार इलाके में पहुंचा तो स्थानीय लोगों ने उसको पकड़ लिया और इसके बारे में नगर परिषद के अधिकारियों को भी सूचना दी। अधिकारियों ने वाहन को भेजने को लेकर साफ इंकार कर दिया। नगर परिषद के सीईओ का कहना था कि उनकी तरफ से किसी भी कर्मचारी को अंबिहार में गंदगी फेंकने के लिए आदेश जारी नहीं किया गया है। इसके बाद स्थानीय निवासियों ने राजमार्ग को बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। चैरी पंचायत की सरपंच सरिता राठौर भी महिलाओं के साथ मौके पर पहुंच गई।
अजय कुमार, सुनील कुमार व अन्य लोगों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से नगर परिषद गंदगी को इस स्थान पर फेंक कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। इसी स्थान पर मरे हुए मवेशी भी फेंके जा रहे है। लोगों का घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। इसलिए सभी को आज वाहन को पकड़ कर प्रदर्शन करना पड़ रहा है। उनकी मांग है कि नगर परिषद अपनी गलती को माने और आश्वासन दे कि दोबारा इस स्थान पर गंदगी को नहीं फेंका जाएगा। इसके बाद ही प्रदर्शन को बंद किया जाएगा। प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर दोपहर के समय सीईओ अमित चौधरी मौके पर पहुंचे और उन्होंने आश्वासन दिया कि दोबारा अंबिहार में गंदगी को नहीं फेंका जाएगा। अगर ऐसा होता है तो फिर स्थानीय निवासी अपनी तरफ से जो भी कार्रवाई करेंगे मंजूर होगी। इसके बाद लोगों ने प्रदर्शन बंद कर दिया।
एनजीटी के 1.39 करोड़ के जुर्माने के बाद बंद किया था अंबिहार में गंदगी फेंकना
करीब छह वर्ष तक नगर परिषद ने शहर से निकलने वाली गंदगी को अंबिहार इलाके में फेंका था। हजारों टन गंदगी अंबिहार में जमा हो गई थी। जब बारिश होती थी तो यही गंदगी तवी नदी में गिर कर पानी को भी दूषित करने का काम करती थी। जब एनजीटी के पास इसकी शिकायतें पहुंची थी तो नवंबर 2019 में नगर परिषद उधमपुर को 1.39 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। जुर्माना लगने के बार नगर परिषद ने आनन फानन में सुई इलाके में किल वेस्ट प्लांट लगाया और शहर की सारी गंदगी को सुई में इलाके में फेंकना शुरू कर दिया। इससे अंबिहार के लोगों को राहत मिली। लेकिन कुछ दिन पहले फिर से अंबिहार में गंदगी फेंके जाने पर लोगों को पुराने दिन याद आ गए। हालांकि लोगों का कहना था कि अब पहले की तरह गंदगी को किसी कीमत पर भी फेंकने नहीं दिया जाएगा।
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अंबिहार में गंदगी फेंकने का स्थानीय निवासियों ने कई बार सड़कों पर उतर कर विरोध किया था। बैक टू विलेज के कार्यक्रमों के दौरान भी इसका लगातार विरोध किया। जिसके बाद नगर परिषद अंबिहार में गंदगी फेंकना बंद कर दिया। कुछ वर्ष तक स्थानीय निवासियों को बहुत राहत मिली। लेकिन अब फिर से पहले जैसे हालात बनाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसा किसी कीमत पर भी नहीं होने दिया जाएगा।
सरिता राठौर, सरपंच चैरी पंचायत
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नगर परिषद की तरफ से किसी भी चालक व सफाई कर्मचारी अंबिहार में गंदगी फेंकने के लिए नहीं भेजा गया था। कुछ दिनों से चालक अपनी मर्जी से गंदगी फेंक रहा है। इसके बारे में आज जानकारी मिली है। इसकी पूरी जांच करवाई जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
अमित चौधरी, नगर परिषद सीईओ उधमपुर