एचओडी कम्युनिटी मेडिसन ने बताए कारण और बचाव की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जीएमसी में वीरवार को जागरूकता शिविर का आयोजन हुआ, जिसमें लोगों और तीमारदारों को ओरल कैंसर और उससे बचने के लिए जागरूक किया गया। एचओडी कम्युनिटी मेडिसन प्रो. डॉ. शालिनी सोबत ने लोगों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ओरल कैंसर मुंह के किसी हिस्से में शुरू हो सकता है। आंकड़ों के अनुसार विश्व में ओरल कैंसर के 30 फीसदी भारत में हैं। भारतीय आर्युविज्ञान अनुसांधन परिषद के अनुसार हर वर्ष लगभग 77 हजार मुख कैंसर से पीड़ित मरीजों का निदान किया जाता है। यह भारत में होने वाले 3 प्रमुख कैंसर में से 1 है और सबसे अधिक पुरुष मरीज हैं। इसका इलाज काफी देरी से करवाया जाता है, जिसका कारण जागरूकता का अभाव है। इसका सबसे मुख्य कारण तंबाकू सेवन है।
ओरल कैंसर के लक्षण
मुंह के अंदर सफेद या लाल रंग का धब्बा होना, दांतों में ढीलापन, होठ-मुंह में 3 सप्ताह से अधिक समय तक न भरने वाले जख्म, मुंह में गांठ महसूस होना, बात करते समय या खाना खाते व निगलते समय अक्सर दर्द होना, बिना मतलब के मुंह से खून आना, बिना किसी वजह के वजन कम होना, बोलने में कठिनाई या कर्करा आवाज होना और गर्दन या गले में गांठ होना।
ऐसे किया जा सकता है बचाव
धूर्मपान व तंबाकू का सेवन न करना, शराब से दूरी बनाए रखना, सूरज की हानिकारक किरणों से अपना बचाव करना, खाने में सब्जियों व फलों का अधिक सेवन करना, एचपीवी टीकाकरण और समय-समय पर ओरल कैंसर स्क्रीनिंग करवाना।